Fight Against Terrorism: जम्मू क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में सर्दियों के दौरान सुरक्षा की कमान अब महिला ग्राम रक्षा रक्षक (VDG) के हाथों में है.
Fight Against Terrorism: जम्मू क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में सर्दियों के दौरान सुरक्षा की कमान अब महिला ग्राम रक्षा रक्षक (VDG) के हाथों में है. भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच जब पुरुष आजीविका के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों की ओर पलायन कर जाते हैं तो ये साहसी महिलाएं राइफलों के साथ गांवों की रक्षा कर रही हैं. भद्रवाह के एसपी विनोद शर्मा ने बताया कि डोडा, किश्तवाड़ और रामबन के संवेदनशील इलाकों में ये महिलाएं आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक विश्वसनीय बल के रूप में उभरी हैं. विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त कर ये महिला सुरक्षाकर्मी दुर्गम पहाड़ियों पर गश्त कर न केवल अपने समुदायों को सुरक्षित रख रही हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत भी लिख रही हैं. एसपी ने बताया कि उनकी उपस्थिति ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है, खासकर उन समयों में जब गांवों में मानव संसाधन कम हो जाते हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्र की रक्षा में महिलाओं की भागीदारी कोई नई बात नहीं है.
रुखसाना कौसर ने मारा था एक आतंकी को
कहा कि सितंबर 2009 में राजौरी जिले के ऊपरी कालसी की गुर्जर महिला रुखसाना कौसर ने अनुकरणीय वीरता का परिचय देते हुए लश्कर-ए-तैबा के एक आतंकवादी को मार गिराया था. इस कार्य के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र सहित कई राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार मिले. साथ ही जम्मू और कश्मीर पुलिस में नौकरी भी मिली. शर्मा ने कहा कि पहाड़ी चेनाब क्षेत्र में, विशेष रूप से डोडा में, कड़ाके की ठंड के कारण कई पुरुष आजीविका की तलाश में उत्तराखंड, दिल्ली और मुंबई जैसे राज्यों में पलायन कर जाते हैं. इस पलायन के कारण कई गांवों में पुरुष सदस्य नहीं बचते, जिससे वे राष्ट्रविरोधी तत्वों की गतिविधियों के प्रति असुरक्षित हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए राज्य पुलिस ने महिलाओं को ग्राम रक्षा अधिकारी (VDG) के रूप में प्रशिक्षित किया है. हम उन्हें आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए रणनीति और युक्तियों का प्रशिक्षण देते हैं. उन्होंने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है. अब तक के परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं.
डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में गश्त करती हैं महिलाएं
एसपी ने बताया कि डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों के दूरदराज के इलाकों में दर्जनों सशस्त्र महिला सुरक्षाकर्मी अपने गांवों में गश्त करती देखी जा सकती हैं. उग्रवाद का मुकाबला करने और अपने-अपने गांवों की रक्षा करने के लिए एक विश्वसनीय बल के रूप में उभरी हैं. सिविली गांव की एक महिला सुरक्षाकर्मी शिवानी (21) ने कहा कि हमें आतंकवादियों से लड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है और हम सभी राष्ट्र के शत्रुओं का सामना करने के लिए तैयार हैं. शिवानी अन्य महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे डोडा जिले की गंडोह तहसील में अपने गांवों में कड़ी निगरानी रखते हुए उत्साहित हैं. शिवानी ने कहा कि जब अधिकांश पुरुष आजीविका कमाने के लिए बाहर चले जाते हैं, तो हम अपने संवेदनशील गांवों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उठाते हैं. भद्रवाह विधायक दलीप सिंह परिहार ने कहा कि हमारे क्षेत्र की महिलाएं इन पहाड़ियों में बहुत कठिन जीवन जीती हैं. भाजपा विधायक ने कहा कि वे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की बहादुरी की कहानियां सुनते हुए बड़ी हुई हैं, और हमारे पहाड़ी क्षेत्र में ऐसी सैकड़ों महिलाएं हैं.
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