India-US Trade Deal : अमेरिका के साथ ट्रेड डील का कांग्रेस लगातार विरोध करती आ रही है. इसी बीच जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने एलान किया है कि वह इस डील के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी.
India-US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध करती आई है. इसी बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को एलान किया है कि वह 9 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में इस डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी. पार्टी यूनिट के चीफ तारिक हमीद कर्रा ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की. रणबीर सिंह पुरा बॉर्डर इलाके में ट्रेड डील के खिलाफ एक रैली को संबोधित करते हुए कर्रा ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया. साथ ही देश की इज्जत, सम्मान और हितों का भी समझौता किया है.
कई अंतरराष्ट्रीय मित्रों को खोया
कांग्रेस नेता कर्रा ने दावा किया कि भारत की स्थापित विदेश नीति से समझौता किया गया है और मौजूदा केंद्र सरकार ने कई अंतरराष्ट्रीय मित्रों को खो दिया है. उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की है और केंद्र पर सीधा आरोप लगाया कि देश के हितों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझौता किया है. इसी बीच कांग्रेस नेता ने फॉरेन पॉलिसी पर डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आने के लिए PM मोदी के इस्तीफे की खुली मांग की है.
यह डील सिर्फ देश के खिलाफ
इसके अलावा कर्रा ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को देश के किसानों को खिलाफ बताया और यह डील सिर्फ देश के खिलाफ है. कांग्रेस नेता यह भी आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइलों और यूएस में उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े एक मामले से जुड़े खुलासे के डर से प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के सामने झुक गए. कांग्रेस लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करती हुई आई है कि यह डील भारत की विदेश नीति के साथ समझौता है. साथ ही अमेरिकी दबाव में आकर कई पारंपरिक मित्रों को भी देश खोता जा रहा है. यही सब कारणों को उल्लेखित करते हुए कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में 9 मार्च के सभी जिला हेडक्वार्टर पर विरोध करने जा रही है. संसद के बजट सेशन के दूसरे फेज की शुरुआत के साथ होगा. कर्रा ने बताया कि कांग्रेस विरोध प्रदर्शन करने के अलावा एक बड़ी रैली भी निकालेगी.
देश को होगा नुकसान : युवा कांग्रेस
दूसरी तरफ रूस से तेल इंपोर्ट को लेकर युवा कांग्रेस के नेता उदय भानु चिब ने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा था, वह सच हो गया है. यह पहली बार नहीं है. नोटबंदी के दौरान उन्होंने कहा था कि देश को नुकसान होगा और हुआ भी. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर US ने किया था. उन्होंने आगे कहा कि BJP लीडरशिप ने कभी भी ऐसे बयानों का खंडन नहीं किया है. मेरी BJP लीडर्स से रिक्वेस्ट है कि हमारे पॉलिटिकल या आइडियोलॉजिकल डिफरेंस हो सकते हैं, लेकिन आखिर में हम सब इंडियन हैं. इंडिया को इंडियन और इंडिया गवर्नमेंट चलाती है. जब यह मैसेज आता है कि हम रूस से 30 दिनों के लिए तेल खरीद सकते हैं, तो यह सवाल उठता है कि क्या हम अमेरिका के गुलाम हैं? चिब ने यह भी कहा कि जहां तक मुझे याद है, इंडिया 1947 में आजाद हुआ था. लेकिन अब US हमसे कह रहा है कि हम 30 दिनों के लिए तेल खरीद सकते हैं.
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News Source: PTI
