Home राष्ट्रीय हवा नहीं जहर है, ये भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहर हैं

हवा नहीं जहर है, ये भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहर हैं

by Neha Singh
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Top 10 Polluted Cities

Top 10 Polluted Cities: दिल्ली को सबसे प्रदूषित शहर माना जाता है, लेकिन आज हम आपको देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों के बारे में बताएंगे, जहां सांस लेना जानलेवा है.

23 January, 2026

औद्योगिकरण और बढ़ती जरूरतों के कारण हमारी सांसों पर संकट भी बढ़ता जा रहा है. हवा में ऑक्सीजन की जगह मानों सिर्फ जहर है. कंपनियों और गाड़ियों से निकलने वाला जहरीला धुआं ग्लेशियर की बर्फ पिघलाने के साथ हमारे फेफड़ों को भी गला रहा है. लेकिन जैसे-तैसे मुंह पर कपड़ा लगाकर काम चल रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी सर्दियों में होती है जब कोहरा और प्रदूषण मिलकर आंखों में जलन पैदा करने लगते हैं. सर्दियों में शहरों को AQI सारे रिकॉर्ड तोड़ देता है. वैसे तो दिल्ली को सबसे प्रदूषित शहर माना जाता है, लेकिन आज हम आपको देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों के बारे में बताएंगे, जहां सांस लेना…जानलेवा है.

ये हैं 10 सबसे प्रदूषित शहर

2026 में अब तक की ठंड के आधार पर लिस्ट दी गई है.

रैंकशहरAQIस्थिति
1मेरठ405अत्यंत ख़तरनाक (Hazardous)
2गाज़ियाबाद385गंभीर (Severe)
3फरीदाबाद381गंभीर (Severe)
4ग्रेटर नोएडा380गंभीर (Severe)
5नोएडा374गंभीर (Severe)
6नई दिल्ली371गंभीर (Severe)
7भागलपुर369गंभीर (Severe)
8सोनीपत365गंभीर (Severe)
9पलवल361गंभीर (Severe)
10पानीपत360गंभीर (Severe)

AQI रैंकिंग का मतलब

AQI यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक हमें हवा की गुणवत्ता के बारे में बताता है कि कितनी प्रदूषित या साफ है. जितना ज्यादा AQI उतनी ही प्रदूषित होती है हवा. CPCB के अनुसार, 0 से 50 के बीच के AQI को “अच्छा”, 51 से 100 को “संतोषजनक”, 101 से 200 को “मध्यम”, 201 से 300 को “खराब”, 301 से 400 को “बहुत खराब” और 401 से 500 को “गंभीर” माना जाता है. हैरानी की बात है कि कई बार दिल्ली समेत अन्य शहरों का AQI 500 के पार चला जाता है.

2025 में ये शहर रहे प्रदूषित

साल 2025 में PM 2.5 पार्टिकुलेट मैटर लेवल के अनुमान के आधार पर, बर्नीहाट (असम), दिल्ली और गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) को भारत के तीन सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया. वहीं रिपोर्ट के अनुसार, सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में नोएडा चौथे, गुरुग्राम पांचवें, ग्रेटर नोएडा छठे, भिवाड़ी सातवें, हाजीपुर आठवें, मुजफ्फरनगर नौवें और हापुड़ दसवें स्थान पर रहा.

44 प्रतिशत शहर प्रदूषित

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 44 प्रतिशत शहर लंबे समय से वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं. इसका मतलब है कि दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के अलावा भी लगभग आधे शहरों में लोगों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है. CREA की रिपोर्ट में कहा गया है, “वायु प्रदूषण को रोकने के लिए भारत की राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) में सिर्फ़ चार परसेंट शहर कवर होते हैं जो लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं. NCAP के तहत सिर्फ़ 130 शहर कवर हुए हैं और इनमें से सिर्फ़ 67 शहर सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा लगातार कई सालों से तय किए गए नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (NAAQS) को पूरा करने में फेल रहे हैं.”

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