Siddharthnagar Festival: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि विकास को जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर विभाजित नहीं किया जा सकता है.
Siddharthnagar Festival: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि विकास को जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर विभाजित नहीं किया जा सकता है. सरकार कल्याण और विकास कार्यों को बिना किसी पूर्वाग्रह या भेदभाव के करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भेदभाव रहित दृष्टिकोण राम राज्य को दर्शाता है. सिद्धार्थनगर में 1,052 करोड़ रुपये से अधिक की 229 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की पूरी आबादी को एक परिवार मानती है और समावेशी एवं सतत विकास की भावना से कार्य करती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को बांटकर विकास हासिल नहीं किया जा सकता. इसे एक व्यापक दृष्टिकोण के साथ और बिना किसी भेदभाव के, न ‘मेरा’ न ‘तुम्हारा’, न जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्रीय पूर्वाग्रह के साथ आगे बढ़ाना होगा. यही भेदभाव रहित दृष्टिकोण राम राज्य की सच्ची भावना को दर्शाता है.
बिना किसी भेदभाव के दी जाती है धनराशि
सिद्धार्थनगर महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता और इटवा विधायक माता प्रसाद पांडे, राज्य मंत्री अनिल राजभर, डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे. आदित्यनाथ ने भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सिद्धार्थनगर को एक पवित्र भूमि बताया जिसने विश्व को करुणा और सद्भाव का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हम केवल एक माध्यम हैं. जब उचित प्रस्ताव आते हैं, तो बिना किसी भेदभाव के धनराशि जारी की जाती है. सिद्धार्थनगर के कायापलट पर प्रकाश डालते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि यह क्षेत्र पहले खराब बुनियादी ढांचे, बीमारियों और पलायन से ग्रस्त था. उन्होंने बताया कि दशकों से लोगों की जान लेने वाली एन्सेफलाइटिस निरंतर प्रयासों के कारण 2017 के बाद कुछ ही वर्षों में समाप्त हो गई. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, वे हमारे वोट बैंक नहीं थे. वे हमारे परिवार का हिस्सा थे, और सरकार ने अपना दायित्व निभाया.
हर गरीब परिवार तक पहुंचे सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थनगर में अब बेहतर सड़क संपर्क है, जिसमें जिले को पड़ोसी क्षेत्रों और नेपाल से जोड़ने वाले चार लेन के राजमार्ग शामिल हैं, जिससे निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि डुमरियागंज, बंसी और इटवा से होकर गुजरने वाला शामली-गोरखपुर कॉरिडोर इस क्षेत्र के विकास कॉरिडोर के रूप में काम करेगा. उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बात करते हुए कहा कि राशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड जैसी सुविधाएं बिना किसी भेदभाव के हर गरीब परिवार तक पहुंचनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ का सार है. किसानों से फसल पैटर्न में विविधता लाने का आग्रह करते हुए योगी ने उनसे पारंपरिक दो फसलों के अलावा तीसरी फसल अपनाने की अपील की. उन्होंने कन्नौज, औरैया और कानपुर देहात के उदाहरण दिए, जहां मक्का की खेती से प्रति एकड़ लगभग 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हुई है. मुख्यमंत्री ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देने के लिए जिला उत्सवों के दौरान स्थानीय स्तर पर अनुकरणीय कार्य करने वाले कलाकारों, खिलाड़ियों, व्यापारियों और अन्य लोगों को सम्मानित करने का भी आह्वान किया.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
