New Seed Law: केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा और मिलावटी कृषि उत्पादों पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही बीज और कीटनाशकों से संबंधित नए कानून लाएगी.
New Seed Law: केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा और मिलावटी कृषि उत्पादों पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही बीज और कीटनाशकों से संबंधित नए कानून लाएगी. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी में आयोजित किसान मेले को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि मिलावटी उर्वरकों, कीटनाशकों और नकली बीजों के माध्यम से किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नकली उर्वरक और नकली बीज किसानों के लिए एक बड़ी समस्या है. हम चालू सत्र में बीज अधिनियम संसद में लाने का प्रयास कर रहे हैं. किसानों को घटिया बीज की आपूर्ति करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और जानबूझकर ऐसा करने पर सजा का भी प्रावधान होगा.
किसानों के शोषण पर लगेगी रोक
उन्होंने कहा कि घटिया कीटनाशकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों या व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक कीटनाशक अधिनियम का मसौदा भी तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार किसान घटिया गुणवत्ता वाले कीटनाशकों में अपना पैसा लगा देते हैं जो कारगर नहीं होते. ऐसी प्रथाओं को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संसद के मौजूदा सत्र में दोनों अधिनियमों को लाने का प्रयास कर रही है. चौहान ने कहा कि किसानों को कीटनाशक या उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करना अवैध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस नियम से किसानों के शोषण पर पूर्ण रोक लगेगी. चौहान ने कृषि में अनुसंधान और नवाचार की भी बात कही.
16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली में ‘कृषि चिंतन शिविर’
मंत्री ने कहा कि 16 और 17 फरवरी को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय ‘कृषि चिंतन शिविर’ आयोजित किया जाएगा, जहां किसानों के सुझावों पर विचार किया जाएगा. इसके बाद कृषि नीतियों और योजनाओं में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे. भारत के कृषि प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने कहा कि देश की कृषि विकास दर 4.45 प्रतिशत है. भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए चावल का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक बनकर उभरा है. उन्होंने फलों, फूलों, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती को अधिक लाभदायक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. इससे पहले दिन में केंद्रीय मंत्री ने दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांवों का दौरा किया, जहां उन्होंने खेतों में किसानों से बातचीत की. नर्सरियों और खेतों का निरीक्षण किया और सिंचाई प्रणालियों, बीज उत्पादन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की समीक्षा की.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
