PM Modi Rajya Sabha Speech: आज राज्यसभा सांसदों के विदाई समारोह में पीएम मोदी ने जाने वाले सांसदों की तारीफ की. उन्होंने पूर्व पीएम देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत सभी सांसदों के योगदान को नए सांसदों के लिए सीख बताया.
18 March, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (बुधवार, 18 मार्च) को अप्रैल और जुलाई के बीच राज्यसभा से रिटायर होने वाले 59 सांसदों के लिए फेयरवेल स्पीच दी. उन्होंने संसद को “एक ओपन यूनिवर्सिटी” कहा और जाने वाले विधायकों से राष्ट्रीय जीवन में योगदान देते रहने की अपील की. विदाई समारोह के मौके पर अपर हाउस को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसे पल स्वाभाविक रूप से पार्टी की दूरियां खत्म कर देते हैं. उन्होंने कहा, “हम सभी के अंदर एक जैसी भावना पैदा होती है, यह एहसास कि हमारे साथी अब दूसरे काम करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं.”
‘भविष्य आपका इंतजार कर रहा है’
जो सदस्य वापस आने का प्लान नहीं बना रहे हैं, उन्हें प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया “राजनीति में, कोई फुल स्टॉप जैसी चीज़ नहीं होती. भविष्य भी आपका इंतजार कर रहा है और आपका अनुभव हमेशा हमारे राष्ट्रीय जीवन का एक अहम हिस्सा रहेगा.”
‘जाने वाले सांसदों से सीख लेनी चाहिए’
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, और NCP चीफ शरद पवार की खास तारीफ की और उन्हें ऐसे दिग्गज बताया जिन्होंने अपनी आधी से ज़्यादा जिंदगी संसदीय कार्यवाही में बिताई है. उन्होंने कहा, “जिस तरह से वे इतने डेडिकेशन के साथ हाउस में आते रहते हैं, वह सच में मिसाल है, एक ऐसी भावना है जिससे सभी नए सांसदों को सीखना चाहिए.” प्रधानमंत्री ने जाने वाले डिप्टी चेयरमैन हरिवंश को भी श्रद्धांजलि दी, उन्हें “सौम्य और नरम दिल” वाला और “कड़ी मेहनत करने वाला व्यक्ति” बताया. उन्होंने कहा कि हरिवंश ब्रेक के दौरान देश भर में घूमते रहे, और युवाओं से राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बात करते रहे.
VIDEO | Parliament Session: PM Modi (@narendramodi) addresses Rajya Sabha, says, "Deputy chairman Harivansh Narayan Singh is leaving the House, he has often handled crisis. Ramdas Athawale is an evergreen personality, he may be leaving but no one will miss him because he will… pic.twitter.com/943W1IXuBc
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
मजाक में, पीएम ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “हमारे अठावले जी सच में एवरग्रीन हैं, जिनसे हाउस में हंसी गूंज उठी. वह जा रहे हैं, फिर भी मुझे यकीन है कि किसी को उनकी कमी महसूस नहीं होगी. वह बिना थके सेवा करते रहेंगे.”
राज्यसभा की राय का महत्व
संसद के दो सदनों वाले स्ट्रक्चर पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने दोनों हाउस के बीच कानून पास होने की तुलना “दूसरी राय” लेने से की. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रैक्टिस है जो डेमोक्रेटिक फैसले लेने को मजबूत करती है. उन्होंने कहा, “एक सदन में लिया गया फैसला दूसरी राय के लिए दूसरे सदन में जाता है. इससे पूरी बहस और फैसले लेने की प्रक्रिया को नई दिशा मिलती है.” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ जाने वाले सदस्यों को पुरानी और नई, दोनों संसद इमारतों में काम करने का खास मौका मिला है. उन्होंने छह साल के राज्यसभा कार्यकाल को अपनी जिंदगी को बदलने का एक बहुत कीमती मौका बताया, जिससे विधायकों को राष्ट्रीय मामलों की बारीकियों की गहरी समझ मिलती है.
News Source: PTI
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