Cyber Fraud: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मुंबई के रिटायर्ड अधिकारी से ठगों ने 1.27 करोड़ रुपये ठग लिए. रिटायर्ड अधिकारी साइबर फ्राड का शिकार हो गए.
Cyber Fraud: टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मुंबई के रिटायर्ड अधिकारी से ठगों ने 1.27 करोड़ रुपये ठग लिए. रिटायर्ड अधिकारी साइबर फ्राड का शिकार हो गए. खुद को बेंगलुरु पुलिस का अधिकारी बताकर रिटायर्ड अधिकारी को धमकाया. इससे डर कर पीड़ित ने आठ दिन में 1.27 करोड़ रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने शनिवार को बताया कि साइबर अपराधियों ने मुंबई के 85 वर्षीय निवासी व टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च मुंबई के रिटायर्ड अधिकारी से मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने की बात कही. यह सुन रिटायर्ड अधिकारी डर गए. पीड़ित ने बताया कि उनके पास बेंगलुरु पुलिस का अधिकारी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का फोन आया.फोन करने वाले ने मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि उनके नाम पर 75 लाख रुपये के लेनदेन किए गए हैं.
बेटे की नौकरी और गिरफ्तारी का दिखाया डर
कॉल करने वाले ने यह भी कहा कि मामले की जांच दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) संयुक्त रूप से कर रही है और उसे कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है. ठग ने यह भी चेतावनी दी कि पीड़ित रिटायर अधिकारी का परिवार मुश्किल में पड़ सकता है और उसके बेटे की नौकरी जा सकती है. पीड़ित ने बताया कि इसके बाद सीबीआई अधिकारी दया नायक बनकर एक व्यक्ति ने उस ठग से संपर्क किया. वीडियो कॉल के दौरान दया नायक ने उसे कुछ दस्तावेज दिखाए जिन्हें उसने एफआईआर और गिरफ्तारी वारंट बताया. पीड़ित ने बताया कि दया नायक ने धोखाधड़ी को असली दिखाने के लिए जाली दस्तावेज भी भेजे. भयभीत पीड़ित ने 2 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच कॉल करने वालों द्वारा दिए गए खाते में 1.27 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.
एक आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित ने बताया कि उसे आश्वासन दिया गया था कि जांच पूरी होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी. हालांकि, पैसे ट्रांसफर होने के बाद कॉल करने वालों ने संपर्क तोड़ दिया. इसके बाद एक मित्र ने पीड़ित को साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने और साइबर सेल के पश्चिमी क्षेत्र प्रभाग से संपर्क करने की सलाह दी. पीड़ित अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने जगताप को खाताधारक के रूप में पहचाना है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान झांसा देकर 1.27 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि परशुराम दशरथ जगताप नामक आरोपी ने साइबर धोखाधड़ी गिरोह को अपना बैंक खाता दिया था, जिसमें यह धनराशि स्थानांतरित की गई थी.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
