Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल से लागू होगा. इसके नियम शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे.
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल से लागू होगा. इसके नियम शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे. 1 अप्रैल से आयकर अधिनियम- 2025 लागू हो जाएगा, जो छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा. 2026-27 के बजट में कर कानूनों में किए गए बदलावों को नए कानून में शामिल किया जाएगा. रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि यह (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरी हो गई है और आयकर अधिनियम- 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरलीकृत आयकर नियम और प्रपत्र शीघ्र ही अधिसूचित किए जाएंगे, जिससे करदाताओं को इसकी जनकारी मिल सके. उन्होंने आगे कहा कि प्रपत्रों को इस तरह से पुन: डिज़ाइन किया गया है कि आम नागरिक बिना किसी कठिनाई के उनका पालन कर सकें. 2025 का आयकर कानून राजस्व के लिहाज से तटस्थ है और कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसने प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में आसान बनाया है. अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की संभावना कम हो गई है.
लगभग 50 प्रतिशत तक नियम कम
इस कानून ने 1961 के आयकर अधिनियम की तुलना में कई नियमों को लगभग 50 प्रतिशत तक कम कर दिया है. नए कानून में मूल्यांकन वर्ष और पिछले वर्ष के बीच के अंतर को समाप्त करके कर भुगतान की समय सीमा को सरल बनाया गया है और इसे एक ही “कर वर्ष” में शामिल किया गया है. इस नियम से करदाताओं को समय सीमा के बाद भी आयकर रिटर्न दाखिल करने पर बिना किसी दंड के टीडीएस वापस ले सकेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कार्गो क्लीयरेंस के लिए आवश्यक मंजूरी की प्रक्रिया साल के अंत तक एक सिंगल विंडो के माध्यम से सुचारु रूप से पूरी की जाएगी. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सीमा शुल्क पर लागू अग्रिम अवधि की वैधता तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों या खुले समुद्र में भारतीय मछली पकड़ने वाले जहाजों द्वारा पकड़ी गई मछलियों पर शुल्क से छूट देगी. सीतारामन ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान सामान क्लीयरेंस से संबंधित प्रावधानों में संशोधन की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य यात्रियों की परेशानियों को दूर करना है.
चमड़ा निर्यातकों को राहत
सीतारमण ने देश के चमड़े के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशिष्ट सामग्रियों के आयात पर शुल्क मुक्त करने का प्रस्ताव रखा. इस कदम से उन चमड़ा निर्यातकों को राहत मिलेगी जो अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी शुल्क से जूझ रहे हैं. अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान देश के चमड़े और चमड़े के उत्पादों के निर्यात में मामूली 0.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 3.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. उन्होंने माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में उपयोग होने वाले पुर्जों को बुनियादी सीमा शुल्क से भी छूट दी. सीतारामन ने घोषणा की कि भारत लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ और हस्तिनापुर सहित 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास करेगा. उन्होंने चमड़े और वस्त्रों के निर्यातकों के लिए तैयार उत्पादों के निर्यात की समय सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष करने का भी प्रस्ताव रखा. मंत्री ने आगे कहा कि सरकार कृत्रिम अंग निर्माण निगम (आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) को सहायक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने में सहयोग देगी.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
