Russia-Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जल्द बातचीत होने वाली है. हालांकि, कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच असहमति है और उनमें मुख्य रूप से इलाके छोड़ने को लेकर रस्साकसी चल रही है.
Russia-Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच जंग के चार साल पूरे होने जा रहे हैं और अभी तक युद्ध किसी समझौते पर नहीं पहुंचा है. रूस ने यूक्रेन के भीतर करीब उसके 20 फीसदी इलाके पर कब्जा कर लिया है और उसकी सेना अंदर घुसती जा रही है. इसी बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. क्रेमलिन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि रूस और यूक्रेन की जंग खत्म कराने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में अगले हफ्ते नए सिरे से बातचीत शुरू होगी. यह बातचीत उस वक्त हो रही है जब रूस और यूक्रेनी की सेना फ्रंट लाइन पर जंग के मैदान में हैं. आपको बताते चलें कि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि त्रिपक्षीय बातचीत बुधवार और गुरुवार को अबू धाबी में होगी और यहां पर बीते महीने भी एक मीटिंग भी हो चुकी है.
गतिरोध नहीं हुआ कम
इसी कड़ी में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वह बैठक में एक प्रतिनिधि मंडल को भेजेंगे. वहीं, ट्रंप प्रशासन ने बीते एक साल में दोनों पक्षों पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया है. हालांकि, दोनों पक्षों के बीच जारी जंग के चार साल पूरे होने जा रहे हैं और अहम मुद्दों पर गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. दिमित्री पेस्कोव ने बातचीत को बहुत मुश्किल बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हम निश्चित रूप से करीब आए हैं क्योंकि बातचीत हुई है और कुछ मुद्दों पर आम सहमति बनाना भी आसान हुआ है. साथ ही कई ऐसे भी मुद्दे भी हैं जिन पर आम सहमति बनने में काफी दिक्कत आ रही है. रूसी राष्ट्रपति के दूत किरिल दिमित्रिएव इस वीकेंड पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए मियामी में मौजूद थे और इस मामले में पेस्कोव ने मीटिंग की कोई डिटेल देने से मना कर दिया.
रूस की कई इलाकों पर कब्जे की मांग
दोनों देशों के बीच मुद्दा यह है कि यूक्रेन के उन इलाकों को रूस रख पाएगा जिन पर उसकी सेना ने कब्जा कर लिया है. इसमें प्रमुख मुद्दा यूक्रेन के पूर्वी औद्योगिक इलाके का है. मास्को वहां की दूसरी यूक्रेनी जमीन पर भी अपने कब्जे की मांग कर रहा है, जिस पर वह अभी तक कब्जा नहीं कर पाया है. रूसी ड्रोन और मिसाइलों ने आम लोगों के इलाकों पर बमबारी जारी रखी है, जिसमें रविवार को सबसे ताजा हमले किए हैं. इन हमलों में यूक्रेन के पावर ग्रिड को तबाह कर दिया गया और इसकी वजह से वहां पर रह लोगों को ठंड में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है.
रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने सोमवार को कहा कि अधिकारी ने रूस को स्टालिंक सैटेलाइट सेवाओं का इस्तेमाल करके अपने ड्रोन को उनके टारगेट की ओर ले जाने से रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं. फेडोरोव ने एलन मस्क की स्पेसएक्स से यूक्रेन में रूस को इस सेवा का इस्तेमाल करने से रोकने में मदद करने के लिए कहा है. स्टारलिंक एक ग्लोबल इंटरनेट नेटवर्क है जो पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले करीब 10 हजार सैटेलाइट पर निर्भर करता है.
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News Source: PTI
