Home Latest News & Updates कृषि क्षेत्र को नई उड़ान: यूपी को तिलहन और दलहन में नंबर-1 बनाने के लिए 5 साल का रोडमैप तैयार, बढ़ेगी आय

कृषि क्षेत्र को नई उड़ान: यूपी को तिलहन और दलहन में नंबर-1 बनाने के लिए 5 साल का रोडमैप तैयार, बढ़ेगी आय

by Sanjay Kumar Srivastava
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कृषि क्षेत्र को नई उड़ान: यूपी को तिलहन और दलहन में नंबर-1 बनाने के लिए 5 साल का रोडमैप तैयार

CM YOGI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य के कृषि क्षेत्र को नई उड़ान देने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है.

CM YOGI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य के कृषि क्षेत्र को नई उड़ान देने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की अंतरफसल खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना है. आदित्यनाथ ने कहा कि इस मॉडल में गन्ना किसानों की आय को न केवल दोगुना बल्कि कई गुना बढ़ाने की क्षमता है. इस विषय पर एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतरफसल खेती से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय प्राप्त होती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. सीएम योगी ने कहा कि राज्य में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है. एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए उत्पादन बढ़ाने का एकमात्र तरीका प्रति इकाई क्षेत्र में फसल उत्पादन बढ़ाना है.

योगी सरकार का नया मास्टरप्लान

कहा कि गन्ने पर आधारित अंतरफसल खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल है. यह मॉडल किसानों को एक ही समय में उच्च उत्पादन, उच्च आय और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करता है. उन्होंने निर्देश दिया कि इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू किया जाए. वर्तमान में, राज्य में 29.50 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नव-बोई गई फसल और 14.86 लाख हेक्टेयर रैटून फसल शामिल है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतरफसल खेती से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर तिलहन और दलहन में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी.

किसानों की उन्नति सरकार की प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि गन्ने की उपज को प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसलें, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त उत्पादन किसानों की आय में सीधे तौर पर वृद्धि करेगा और राज्य के सकल लाभ मूल्य (जीवीएसी) में महत्वपूर्ण योगदान देगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल गन्ना क्षेत्र से जुड़े किसानों के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे राज्य के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के लिए है. किसानों की उन्नति उनकी प्राथमिकता है.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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