Pariksha Pe Charcha 2026: शुक्रवार को पीएम ने अपने खास कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों से बातचीत की. पीएम ने बच्चों को सफलता का गुरु मंत्र दिया.
6 February, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर के बच्चों को परीक्षा में प्रेशर को दूर करने और सफलता पाने का गुरू मंत्र दिया. शुक्रवार को पीएम ने अपने खास कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों से बातचीत की. पीएम ने बच्चों को पढ़ाई आसान बनाने और इंटरनेट का सही इस्तेमाल करने की सीख दी. ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के नौवें एडिशन में प्रधानमंत्री ने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि पढ़ाई बोझ नहीं होनी चाहिए और सभी को इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए, क्योंकि आधे-अधूरे मन से की गई पढ़ाई ज़िंदगी में सफलता नहीं दिलाती.
मन को जोतो, मन को जोड़ो..
‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों ने भाग लिया. पीएम ने बच्चों से कहा “हमारा लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन आसानी से हासिल न हो. पहले आप मन को जोतो, फिर मन को जोड़ें और फिर उन विषयों पर ध्यान दें जिनकी आपको पढ़ाई करनी है. तब आपको हमेशा सफलता मिलेगी.”
सिर्फे गेम खेलो मत, गेम बनाओ
पीएम ने छात्रों को मनोरंजन के लिए गेमिंग पर समय बर्बाद न करने की भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “आपको गेमिंग में दिलचस्पी है, लेकिन सिर्फ इसलिए समय बिताने के लिए इसमें शामिल न हों क्योंकि भारत में डेटा सस्ता है. इसे मज़े के लिए न करें. जो लोग पैसे के लिए गेमिंग करते हैं, वे बर्बाद हो जाएंगे. हमें देश में जुए को बढ़ावा नहीं देना है. मैंने ऑनलाइन जुए के खिलाफ कानून बनाया है.” हालांकि, प्रधानमंत्री ने कहा कि गेमिंग एक स्किल है क्योंकि इसमें बहुत स्पीड होती है और इसका इस्तेमाल सतर्कता जांचने और खुद के विकास के लिए किया जा सकता है. आप सिर्फ गेम खेलिए नहीं, बल्कि गेम बनाइए. आप भारत की कथा-कहानियों पर गेम बनाओ.

अपने स्टाइल से पढ़ो
प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर किसी का काम करने का अपना तरीका या स्टाइल होता है. उन्होंने कहा, “मैं PM बन गया हूं. फिर भी, लोग मुझे अलग-अलग तरीकों से काम करने के लिए कहते हैं. लेकिन हर किसी का अपना तरीका होता है. कुछ लोग सुबह बेहतर पढ़ाई करते हैं, कुछ रात में. जो भी आपको सूट करे, उस पर विश्वास करें. लेकिन सलाह भी लें, और अगर उससे आपको फायदा होता है, तो ही उसे अपनी ज़िंदगी के तरीके में शामिल करें.”
मोदी ने कहा कि उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ में कुछ चीजें बदली हैं, लेकिन अपना मूल तरीका नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा, “जब मैंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ शुरू की थी, तो एक तरीका था. अब, धीरे-धीरे, मैं इसे बदल रहा हूं. इस बार, मैंने इसे अलग-अलग राज्यों में भी किया. मैंने अपना तरीका भी बदला, लेकिन मूल तरीका नहीं छोड़ा.”
टीचर से आगे रहो
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि टीचर की कोशिश यह होनी चाहिए . छात्र की स्पीड ऐसी हो कि उनकी अपनी स्पीड उनसे एक कदम आगे हो. जब आप टीचर से आगे होंगे तो आपकी पीछे होने की निराशा नहीं होगी. उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, आराम, स्किल्स और हॉबीज़ के बीच संतुलन बनाने को कहा, जो विकास की कुंजी है. उन्होंने कहा, “दो तरह की स्किल्स होती हैं- लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स. मैं कहता हूं कि दोनों साथ-साथ चलती हैं. इसलिए, स्किल नॉलेज से शुरू होती है.”
मार्क्स के साथ जीवन को बेहतर बनाओ
प्रधानमंत्री ने कहा कि “शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए और सभी को पूरी तरह से शामिल होना चाहिए क्योंकि आधे-अधूरे मन से की गई शिक्षा जीवन को सफल नहीं बनाती, इसलिए हमें सिर्फ मार्क्स पर नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए. यह क्लासरूम और एग्जाम से कहीं आगे की बात है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ आत्मविश्वास और पॉजिटिविटी के साथ एग्जाम देने के बारे में यह एक शानदार चर्चा थी.
परीक्षा पर चर्चा का 9वां संस्करण
परीक्षा पे चर्चा का 9वां एडिशन संसद परिसर में बाल योगी ऑडिटोरियम में भी दिखाया गया. 2018 में शुरू हुआ, परीक्षा पे चर्चा टाउनहॉल फॉर्मेट में छात्रों के साथ बातचीत के रूप में शुरू हुआ और बाद में भारत के सबसे बड़े शिक्षा जुड़ाव कार्यक्रमों में से एक बन गया. रजिस्ट्रेशन 2023 में लगभग 38.8 लाख से बढ़कर 2024 में 2.26 करोड़ हो गए, और 2025 में 3.53 करोड़ तक पहुंच गए – यह एक ऐसा मील का पत्थर था जिसने इस कार्यक्रम को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दिलाया. नौवें एडिशन ने 4.5 करोड़ से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन के साथ पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया.
News Source: PTI
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