Share Market Update: कुछ दिन की हरियाली के बाद शेयर मार्केट लगातार गिरने पर ही है. RBI के फैसले के बाद मार्केट में इन्वेस्ट करने वालों के चेहरे और मुरझा गए हैं. आप भी जानें वजह.
6 February, 2026
इंडियन शेयर मार्केट में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट का दौर जारी रहा. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया. दूसरी तरफ अमेरिकी मार्केट से मिले कमजोर हिंट्स की वजह से भी सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में ट्रेड करते दिखे. खासतौर से IT सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के शेयर्स में भारी बिकवाली देखने को मिली. विदेशी फंडों की लगातार निकासी ने भी इन्वेस्टर्स की एक्साइटमेंट पर पानी फेर दिया है. शुक्रवार की सुबह के कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 368.37 अंक गिरकर 82,945.56 पर आ गया. वहीं, निफ्टी 146.7 अंक फिसलकर 25,496.10 के लेवल पर पहुंच गया.
RBI का पॉज बटन
दिसंबर में ब्याज दरों में 0.25% की कटौती करने के बाद, RBI ने इस बार पॉलिसी रेट्स में कोई बदलाव ना करने का फैसला लिया है. ये कदम दुनिया भर में चल रही टेंशन और वॉर जैसी सिचुएशन को देखते हुए उठाया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने के बाद ये पहली मौद्रिक नीति समीक्षा थी. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने करेंट फाइनेंशियल ईयर की छठी और लास्ट मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बताया कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला लिया है. अब मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई का ये फैसला उम्मीद के मुताबिक ही था, लेकिन इन्वेस्टर्स को रेट कट की उम्मीद थी.
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IT शेयर्स की मार
अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारत के IT सेक्टर पर साफ नजर आया. सेंसेक्स की बड़ी कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा स्टील जैसे शेयर्स में गिरावट देखी गई. वहीं, दूसरी तरफ आईटीसी, बजाज फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयर्स ग्रीन ज़ोन में ट्रेड कर रहे थे.
ग्लोबल मार्केट का हाल
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी बाजारों में दबाव देखा जा रहा है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 3% और हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) 1% से ज्यादा गिर गया. अमेरिका में नैस्डैक और एसएंडपी 500 में भी गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई थी. शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई (AI) से जुड़ी लागतों की चिंता और बड़ी टेक कंपनियों के कमजोर नतीजों ने दुनियाभर के बाजारों का हाल बिगाड़ दिया है. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन इन्वेस्टर्स ने गुरुवार को 2,150.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया. वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में भी मामूली बढ़त देखी गई है, जो फिलहाल 67.92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है.
News Source: PTI
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