Lata Mangeshkar Unknown Facts: भारत की स्वर कोकिला कही जानें वालीं दिवंगत सिंगर लता मंगेशकर ने आज ही के दिन दुनिया से विदाई ली थी. इस मौके पर आज उनके बारे में कुछ खास बातें जानते हैं.
6 February, 2026
भारत की ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर ने 7 दशकों से भी ज्यादा टाइम तक अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया. उनकी विरासत सिर्फ गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी लाइफ डिसिप्लिन और सिंपलीसिटी की इंस्पायरिंग स्टोरी है. 4 साल पहले जब आज ही के दिन लता मंगेशकर ने अंतिम सांस ली, तो पूरा देश शोक में डूब गया. उनकी खूबसूरत आवाज ने भारतीय म्यूज़िक को एक ऐसा खजाना दिया है जो सदियों तक चमकता रहेगा. लता जी को इंडियन सिनेमा की सबसे महान प्लेबैक सिंगर्स में गिना जाता है. उन्होंने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और मुकेश जैसे बड़े सिंगर्स के साथ मिलकर म्यूज़िक की दुनिया में जो जादू बुना, वो आज भी हिंदी सिनेमा की शान है. आज भले ही वो हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लता मंगेशकर को हमेशा याद किया जाएगा. आज उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर हम उन्हें थोड़ा और करीब से जान लेते हैं.

फैमिली बैकग्राउंड
लता मंगेशकर का जन्म एक ऐसी फैमिली में हुआ था, जहां आर्ट पहले से ही रची-बसी थी. उनके पिता एक थिएटर ग्रुप के मालिक थे, इसलिए बचपन से ही लता के कानों में म्यूज़िक गूंजता था. इसी माहौल ने उनके अंदर एक महान सिंगर बनने की चाहत पैदा की. पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए लता और उनकी बहन आशा भोंसले ने म्यूज़िक को ही अपनी लाइफ बना लिया. स्टारडस्ट मैगजीन को दिए एक पुराने इंटरव्यू में लता ने बताया था कि उनके लिए गायकी सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक साधना थी.

नहीं सुने खुद के गाने
ये जानकर आपको हैरानी होगी कि दुनिया भर में मशहूर होने के बावजूद लता मंगेशकर कभी अपनी रिकॉर्डिंग नहीं सुनती थीं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अगर वो अपने गाने सुनेंगी, तो उन्हें अपनी सिंगिंग 100 कमियां नजर आएंगी. ये उनके परफेक्शनिस्ट होने और अपनी आर्ट के लिए उनके डेडिकेशन को दिखाता है. लता मंगेशकर ने वैसे तो अपने टाइम के हर बड़े सिंगर के साथ काम किया, लेकिन उन्हें किशोर कुमार के साथ गाने में सबसे ज्यादा मजा आता था. वो उन्हें प्यार से ‘किशोर दा’ कहकर बुलाती थीं. दोनों की जुगलबंदी ने भारतीय सिनेमा को सबसे ज्यादा सदाबहार गाने दिए हैं.
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अलग-अलग भाषा
लता मंगेशकर की आवाज बॉर्डर और भाषाओं के बंधन से परे थी. अपने करियर में उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली और तमिल के साथ-साथ 30 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए. यही वजह है कि देश के कोने-कोने में उनकी आवाज को पसंद किया जाता है. कम ही लोग जानते हैं कि म्यूज़िक के अलावा लता मंगेशकर पब्लिक लाइफ में भी अपना योगदान दे चुकी थीं. उन्हें 1999 में राज्यसभा के लिए नोमिनेट किया गया था, वो साल 2005 तक सांसद रहीं. हालांकि, बाद में उन्होंने पॉलिटिक्स से दूरी बना ली, क्योंकि वो इससे खुश नहीं थीं. उन्होंने कहा था कि वो ये जिम्मेदारी लेने के लिए ज्यादा एक्साइटेड नहीं थीं क्योंकि उनका मन हमेशा म्यूज़िक में ही लगा रहता था.

30 हज़ार से ज्यादा गाने
70 सालों से ज्यादा लंबे करियर में लता मंगेशकर ने 30 हज़ार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए. ये एक ऐसा अचीवमेंट है जिसने उन्हें न सिर्फ भारत की ‘स्वर कोकिला’ बनाया, बल्कि ग्लोबल म्यूज़िक की हिस्ट्री में सबसे महान आवाजों में शामिल कर दिया. साल 1974 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने लता मंगेशकर को दुनिया की सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली सिंगर की लिस्ट में शामिल किया. हालांकि, बाद में मोहम्मद रफी ने इस पर आपत्ति जताई थी. लंबे टाइम तक चले दावों और कंट्रोवर्सी के बाद, साल 2011 में उनकी बहन आशा भोंसले को ये खिताब दिया गया. फिलहाल ये रिकॉर्ड पी. सुशीला के नाम है.

देशभक्ति का जज्बा
लता मंगेशकर सिर्फ एक आर्टिस्ट ही नहीं, बल्कि बहुत बड़ी देशभक्त भी थीं. उन्होंने हमेशा सामाजिक और धर्म से जुड़े कामों को सपोर्ट किया. खासकर साल 1962 की भारत-चीन वॉर के टाइम उन्होंने भारतीय सैनिकों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया था. उनका गाया गाना ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ आज भी हर भारतीय की आंखों में आंसू और दिल में गर्व भर देता है. लता मंगेशकर ने अपना आखिरी गाना साल 2019 में रिकॉर्ड किया था. इस गाने का टाइटल था ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की’. उनका ये गाना भारतीय सेना और देश के लिए उनकी श्रद्धांजलि थी. भले ही लता मंगेशकर आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज की मिठास नई और आने वाली जेनेरेशन को हमेशा इंस्पायर करती रहेगी.
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