Home Latest News & Updates गौ परंपरा को सहेजेगा यूपीः मथुरा में बनेगा भारत का पहला ‘राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय’, सजेगा म्यूजियम

गौ परंपरा को सहेजेगा यूपीः मथुरा में बनेगा भारत का पहला ‘राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय’, सजेगा म्यूजियम

by Sanjay Kumar Srivastava
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गौ परंपरा को सहेजेगा उत्तर प्रदेशः मथुरा में बनेगा भारत का पहला 'राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय'

Cow Museum: उत्तर प्रदेश के मथुरा में देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय बनेगा. संग्रहालय में मवेशियों के लगभग 100 डिजिटल और प्रतीकात्मक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे.

Cow Museum: उत्तर प्रदेश के मथुरा में देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय बनेगा. संग्रहालय में मवेशियों के लगभग 100 डिजिटल और प्रतीकात्मक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे. इनमें देश में पाई जाने वाली सभी प्रमुख मवेशी नस्लों के साथ-साथ लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल होंगी ताकि आने वाली पीढ़ियों को भारत की समृद्ध गौ परंपरा की व्यापक समझ मिल सके. उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर मथुरा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में देश का पहला राष्ट्रीय गौ संस्कृति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा. जिला प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है. आगरा के कमिश्नर नागेंद्र प्रताप ने कहा कि यह संग्रहालय आम जनता को पशुओं के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ गायों और उनके उत्पादों की वैज्ञानिक उपयोगिता से अवगत कराएगा. उन्होंने कहा कि परंपरा और विज्ञान का यह अनूठा संगम गौ संरक्षण की समग्र समझ को बढ़ावा देगा.

दूध, दही और घी की प्रदर्शनी रहेगी संग्रहालय का आकर्षण

शनिवार को ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजकांत मिश्रा, संभागीय आयुक्त नागेंद्र प्रताप, जिला मजिस्ट्रेट सीपी सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, ब्रज तीर्थ विकास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज पटेल, पर्यावरण सलाहकार (ब्रज तीर्थ विकास परिषद के) मुकेश शर्मा और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉ. अमित शुक्ला ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया और परियोजना की रूपरेखा पर चर्चा की. संभागीय आयुक्त ने कहा कि संग्रहालय में मवेशियों के लगभग 100 डिजिटल और प्रतीकात्मक मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे. इनमें देश में पाई जाने वाली सभी प्रमुख मवेशी नस्लों के साथ-साथ लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल होंगी ताकि आने वाली पीढ़ियों को भारत की समृद्ध गौ परंपरा की व्यापक समझ मिल सके. संग्रहालय का एक प्रमुख आकर्षण गाय के दूध और उसके उत्पादों, जैसे दूध, दही, पनीर और घी को समर्पित एक प्रदर्शनी होगी.

ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान

इस प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके इन उत्पादों के वैज्ञानिक, पोषण संबंधी और आयुर्वेदिक लाभों को प्रस्तुत किया जाएगा. इसके अतिरिक्त परिसर में एक डेयरी पार्लर विकसित किया जाएगा, जो आगंतुकों को शुद्ध दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराएगा. यह परियोजना भारतीय संस्कृति में गाय को “मां” के रूप में मान्यता देती है और सनातन परंपरा में इसके आध्यात्मिक महत्व को उजागर करती है. अधिकारी ने कहा कि यह दृष्टिकोण यह स्पष्ट करेगा कि गाय संरक्षण केवल आर्थिक या कृषि संबंधी मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक प्रथाओं, सदाचारी जीवन शैली और जन कल्याण से गहराई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा यह संग्रहालय ब्रज क्षेत्र की पहचान को ऊंचा उठाने और वैज्ञानिक मानकों के साथ गाय आधारित अर्थव्यवस्था को समझने और अपनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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