Village of Havelis: अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं या आपको अपनी विरासत के बारे में जानना पसंद है, तो फिर आप यूपी के इस गांव के बारे में जरूर जानते होंगे. ये कोई ऐसा-वैसा गांव नहीं बल्कि हवेलियों का शहर है.
15 February, 2026
क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के एक कोने में एक ऐसा गांव भी बसा है, जहां की गलियों में कदम रखते ही ऐसा लगता है मानो आप किसी टाइम मशीन में बैठकर 100-200 साल पीछे चले गए हों? यहां की ऊंची-ऊंची दीवारें, नक्काशीदार दरवाजे और पुराने जमाने की खूबसूरत इमारतें आज भी उन किस्सों को जिंदा रखे हुए हैं, जिन्हें अक्सर हम इतिहास की किताबों में पढ़ते हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं वेस्टर्न उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बामनौली गांव की, जिसे लोग प्यार से ‘हवेलियों का गांव’ या ‘हवेलियों का शहर’ भी कहते हैं.

खूबसूरत इतिहास
बामनौली गांव का इतिहास सिर्फ ईंट-पत्थरों का नहीं, बल्कि मेहनत और कामयाबी का भी है. पुराने टाइम में ये गांव बिजनेस का एक बहुत बड़ा सेंटर हुआ करता था. यहां खास तौर से वैश्य और जैन समुदायों के परिवार रहते थे, जिनका बिजनेस सिर्फ आसपास के इलाकों तक ही सीमित नहीं था. इन परिवारों के लोग दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से भी अपना बिजनेस करते थे. जब इन व्यापारियों ने खूब पैसा और शोहरत कमाई, तो उन्होंने अपने पैतृक गांव बामनौली में अपनी शान-ओ-शौकत के हिसाब से बड़ी-बड़ी हवेलियां बनवाईं. आज भी इस गांव में 24 से ज्यादा ऐसी बड़ी हवेलियां खड़ी हैं, जो उस दौर के अमीरों की लाइफस्टाइल की कहानी सुनाती हैं.
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आर्किटेक्चर का बेजोड़ नमूना
इन हवेलियों को देखते ही पहली चीज जो दिमाग में आती है, वो है इनकी बेहतरीन इंजीनियरिंग. इन इमारतों में मुगल और राजस्थानी आर्किटेक्चर का एक बहुत ही सुंदर कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है. हवेलियों के दरवाजे लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी से सजे हैं, जो आज के दौर की मशीनी फिनिशिंग को भी मात दे देते हैं. अंदर घुसते ही आपको बड़े-बड़े आंगन, हवादार ऊंचे झरोखे और बड़े कमरे मिलेंगे. कुछ घर बाहर से देखने में काफी सिंपल लग सकते हैं, लेकिन उनके अंदर की दीवारों और छतों पर की गई पेंटिंग और डिजाइन किसी राजमहल से कम नहीं लगती.

खजाना और सीक्रेट रास्ते
ये हवेलियां सिर्फ रहने के लिए ही नहीं बनाई गई थीं, बल्कि इन्हें किले की तरह सुरक्षित भी रखा गया था. उस दौर में चोरी और डकैती का डर काफी रहता था, इसलिए इन हवेलियों की दीवारें 3 से 4 फीट तक मोटी बनाई गई थीं. इतना ही नहीं, सिक्योरिटी के लिहाज से इन घरों में कई सीक्रेट रास्ते और दीवार के पीछे बनी तिजोरियां भी हुआ करती थीं, जहां गहने और रुपये सेफ रखे जाते थे.
बामनौली की अहमियत
आज के डिजिटल और कंक्रीट वाले टाइम में बामनौली गांव एक सांस्कृतिक धरोहर की तरह खड़ा है. यहां के लोकल लोग इन पुरानी इमारतों को सहेजने में गर्व महसूस करते हैं. यूपी का ये गांव आज न केवल टूरिस्ट्स को अट्रैक्ट कर रहा है, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक पसंदीदा जगह बन गया है जो रूरल टूरिज्म और पुरानी संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं. अगर आप भी भीड़भाड़ वाली लाइफ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां सुकून और इतिहास एक साथ मिले, तो बागपत का ये हवेलियों वाला गांव आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए.
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