Home राज्यAssam असम चुनाव से पहले बिखर रही है कांग्रेस? नेताओं का पलायन शुरू; CM बोले- हर विरोधी नेता के संपर्क में हूं

असम चुनाव से पहले बिखर रही है कांग्रेस? नेताओं का पलायन शुरू; CM बोले- हर विरोधी नेता के संपर्क में हूं

by KamleshKumar Singh
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Congress disintegrating Assam elections

Assam News : असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. इसी बीच खबर सामने आई है कि कांग्रेस में बड़ी टूट हो सकती है और कई नेता पलायन भी कर चुके हैं.

Assam News : आगामी विधानसभा चुनाव से पहले असम की राजनीति में सरगर्मियों तेज हो गई हैं. चुनाव आयोग का इशारा साफ कर रहा है कि कभी में असेंबली इलेक्शन की तारीखें घोषित हो सकती हैं. वहीं, चुनाव के बिगुल से पहले ही सियासी शतरंज बिछना भी शुरू हो चुका है. BJP ने ‘डबल स्ट्राइक मिशन’ के तहत एक साथ दो मोर्चे खोल दिए हैं, बूथ स्तर पर सख्त माइक्रो मैनेजमेंट और कांग्रेस में आक्रामक सेंधमारी करना शुरू कर दिया है. असम की राजनीति में चुनाव से पहले पाला बदलना नई बात नहीं है और इस बार भी बड़े उलटफेर के संकेत साफ दिख रहे हैं. बता दें कि चुनाव से पहले BJP संगठन और सामाजिक समीकरण. दोनों को साधने में जुटी है. ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ अभियान के जरिए हर बूथ पर कैडर सक्रिय किया जा रहा है.

कई कांग्रेस नेता हुए BJP में शामिल

बताया जा रहा है कि असम में बूथ मैनेजमेंट इसलिए अहम है क्योंकि यहां पर जातीय, भाषाई और धार्मिक समीकरण सीट दर सीट बदलते हैं. इसके अलावा कांग्रेस में टूट की अटकलें तेज हैं. तीन बार के कांग्रेस विधायक अब्दुर राशिद मंडल ने रायजोर दल का दामन थाम लिया, जहां पार्टी प्रमुख अखिल गोगोई की मौजूदगी में उन्होंने नई पारी शुरू की. वहीं, चर्चा है कि शशिकांत दास भी BJP का रुख कर सकते हैं. वहीं, कमलाख्या डे और बसंत दास के नाम भी BJP जॉइन करने की सुर्खियों में हैं. इसके अलावा सिद्दकी अहमद के असम गण परिषद (AGP) के संपर्क में होने की खबर है. उधर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे की अटकलों ने कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है. इसी बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि अगर BJP दरवाजे खोल दे, तो कांग्रेस के सभी हिंदू नेता पार्टी छोड़ देंगे.

CM हेमंत के बयान से मची खलबली

सीएम के बयान के बाद कांग्रेस खेमे में असमंजस की स्थिति है. असम की राजनीति में 2015–16 के दौर की याद ताजा हो गई है, जब बड़े पैमाने पर कांग्रेस से नेताओं का पलायन हुआ था और सत्ता परिवर्तन की नींव पड़ी थी. सरमा का कहना है कि मैं कांग्रेस के हर नेता के संपर्क में हूं, बस संकेत की देर है. BJP का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व में दिशा का अभाव है, इसलिए नेता विकल्प तलाश रहे हैं. हालांकि कांग्रेस का तर्क है कि BJP दबाव और सत्ता की ताकत से माहौल बना रही है. इसके अलावा BJP की रणनीति सिर्फ दलबदल तक सीमित नहीं है. असम की राजनीति में अतिक्रमण और अवैध घुसपैठ लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहे हैं. NRC और नागरिकता से जुड़े सवालों ने राज्य की राजनीति को लगातार प्रभावित किया है. BJP इन्हीं मुद्दों को फिर से केंद्र में ला रही है. वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जनता तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्ति चाहती है और स्थिर नेतृत्व चाहती है.

अवैध घुसपेठ को BJP ने बनाया हथियार

असम की राजनीति में जातीय अस्मिता, अवैध घुसपैठ, हिंदुत्व और क्षेत्रीय दलों की भूमिका. ये चारों कारक हर चुनाव में निर्णायक रहे हैं. असम की आबादी में मुस्लिम आबादी 30 फीसदी के आसपास है, जबकि सीमा से लगने वाली सात जिलों में मुस्लिम आबादी 50 फीसदी तक बढ़ चुकी है. BJP अपने चुनाव में घुसपैठ को मुद्दा तो बना ही रही है. उसके अलावा 3 फीसदी मियां मुसलमान को लेकर अपना अभियान तेज कर रही है. मियां मुसलमान वही हैं जो बांग्लादेश से घुसपैठ कर असम में बसे हैं. BJP इस बार घुसपैठ के नाम पर मुस्लिम में भी दरार पैदा करने पर काम कर रही है. दूसरी तरफ इस बार BJP बूथ मैनेजमेंट और विपक्ष में सेंध मारने के लिए दोनों मोर्चों पर सक्रिय है. अब देखना ये है कि क्या ‘डबल स्ट्राइक’ मिशन कांग्रेस को फिर सत्ता से दूर रखेगा या विपक्ष बिखराव के बावजूद कोई नया सामाजिक समीकरण गढ़ पाएगा.

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