Bangladesh: बांग्लादेश में नव नियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पीएमओ में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है. इसका एक वीडियो उनकी पार्टी बीएनपी ने शेयर किया है.
Bangladesh: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tarique Rahman) ने पहली बार राजधानी ढाका के तेजगांव में को आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री कार्यालय में पदभार संभाला. उन्होंने 21 फरवरी को शहीद दिवस और अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर उन्होंने पद को ग्रहण किया. यह घटना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और करीब 2 साल से जल रहे देश में नई सरकार के बनने के बाद शांति आई है. खास बात यह है कि 17 फरवरी को शपथ ग्रहण के बाद वह पहली बार अपने कार्यालय पहुंचे और उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह देश में शांति बनाने के साथ विकास की नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएं.
पार्टी ने पोस्ट किया वीडियो
नव नियुक्त प्रधानमंत्री ने पदभार ग्रहण किया उसका एक वीडियो बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया. साथ ही इसके कैप्शन में पार्टी ने लिखा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ढाका के तेजगांव में प्रधानमंत्री ऑफिस में पहली बार ऑफिशियली अपना काम शुरू किया. शहीद दिवस और इंटरनेशनल मदर लैंग्वेज डे 2026 के मौके पर, उन्होंने भाषा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक खास यादगार पोस्टेज स्टैम्प जारी किया.
10 पहुंच प्रधानमंत्री PMO
बताया जा रहा है कि तारिक रहमान सुबह करीब 10:10 प्रधानमंत्री कार्यालय में पहुंच गया. इस दौरान प्रधानमंत्री सचिव ए.बी.एम. अब्दुस सत्तार और अतिरिक्त प्रेस सचिव अतिकुर रहमान रुमन ने खुले दिल से स्वागत किया. साथ ही कार्यालय परिसर में पहुंचते ही उन्होंने स्वर्णा चंपा फूल को रोपा, जो नई शुरुआत का प्रतीक बताया जा रहा है.
तारिक रहमान ने क्या किया?
शहीद दिवस और अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री तारिक ने भाषा शहीदों को श्रद्धांजलि में एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया. आपको बताते चलें कि यह टिकट 1952 के भाषा आंदोलन के शहीदों की याद में जारी किया गया है. उन शहीदों ने बांग्ला भाषा को सम्मान दिलाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था. अनावरण समारोह के दौरान भाषा आंदोलन को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया और यह बांग्लादेश की राष्ट्रीय पहचान का आधार है.
17 साल बाद लौटे देश
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान 17 वर्ष के निर्वासन के बाद 2025 के अंतिम महीनों अपने वतन लौटे. इसके बाद फरवरी के आम चुनाव में उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने 17 फरवरी को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उनको प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. यह चुनाव बांग्लादेश में 2024 में हुए हिंसक आंदोलन के दौरान शेख हसीना का तख्तापलट कर दिया गया था और उसके बाद मोहम्मद यूनुस को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बना दिया गया.
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