Share Market: शेयर मार्केट में लगातार उठा-पटक का सिलसिला जारी है. आज यानी शुक्रवार की सुबह भी सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई. आप भी जानें इस मातम की वजह.
27 February, 2026
शुक्रवार की सुबह जब दुनिया कॉफी की चुस्कियों के साथ वीकेंड की प्लानिंग कर रही थी, तब भारतीय शेयर बाजार के लिए खबर कुछ खास अच्छी नहीं रही. ग्लोबल मार्केट से मिले वीक हिंट्स और फॉरेन इन्वेस्टर्स की बेरुखी ने दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती फैला दी है. शुरुआती कारोबार में ही बाजार के बड़े इंडेक्स गिरावट के साथ गोता लगाते नजर आए. दिन की शुरुआत में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स यानी सेंसेक्स 364.62 अंक टूटकर 81,883.99 के लेवल पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और इसने 117.15 अंकों की गिरावट के साथ 25,379.40 पर दस्तक दी. बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स की भारी बिकवाली को माना जा रहा है.
किसने संभाला मोर्चा
बाजार की इस उठापटक में मारुति, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे बड़े नाम फिसड्डी साबित हुए. इन शेयर्स में प्रोफिट बुकिंग का दबाव साफ देखा गया. दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर ने बाजार को थोड़ी राहत देने की कोशिश की. इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे शेयर्स में हरियाली नजर आई, जो इन्वेस्टर्स के लिए थोड़ी सुकून भरी खबर रही.
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इंड़ियन इन्वेस्टर्स का सपोर्ट
आंकड़ों की मानें तो गुरुवार को फॉरेन इन्वेस्टर्स यानी एफआईआई ने भारतीय बाजार से 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा बाहर निकाला. हालांकि, घरेलू इन्वेस्टर्स ने बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की और 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी की. लेकिन ग्लोबल दबाव इतना था कि ये खरीदारी बाजार को बढ़त दिलाने के लिए काफी नहीं रही.
ईरान का तनाव
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को सुस्ती का माहौल रहा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. इससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है, इसका सीधा असर ग्लोबल शेयर मार्केट पर पड़ रहा है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतें भी फिलहाल 70.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. कहा जा सकता है कि आज का दिन इन्वेस्टर्स के लिए ‘वेट एंड वॉच’ वाला रहने वाला है. जब तक ग्लोबल मार्केट में स्थिरता नहीं आती और फॉरेन इन्वेस्टर्स का रुख नहीं बदलता, तब तक शेयर बाजार में ऐसी ही उठापटक होती रहेगी.
News Source: PTI
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