Navy Chief: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने चेन्नई बंदरगाह पर आईएनएस अंजदीप का शुभारंभ करने के बाद नौसेना के भविष्य का खाका पेश किया.
Navy Chief: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने चेन्नई बंदरगाह पर आईएनएस अंजदीप का शुभारंभ करने के बाद नौसेना के भविष्य का खाका पेश किया. उन्होंने घोषणा की कि भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2047 तक पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करना है. वर्तमान में, नौसेना के ऑर्डर पर सभी 50 जहाज भारतीय शिपयार्डों में बन रहे हैं, जो स्वदेशी क्षमताओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है. एडमिरल ने बताया कि नौसेना 2035 तक 200 जहाजों का बेड़ा तैयार करने की दिशा में अग्रसर है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल जहाजों का निर्माण ही नहीं, बल्कि घटक स्तर (component level) पर भी पूर्ण स्वदेशीकरण हमारी प्राथमिकता है. हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की मजबूत उपस्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी इकाइयां निरंतर एंटी-पाइरेसी और निगरानी मिशनों पर तैनात हैं.
15 और नए जहाज बेड़े में होंगे शामिल
कहा कि नौसेना की आधुनिकीकरण की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2026 में 15 और जहाजों को शामिल करने की योजना है, जो भारतीय नौसेना के इतिहास में शामिल होने की अब तक की सबसे तेज दर होगी. परिचालन तत्परता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नौसेना विशेष रूप से पनडुब्बी रोधी और समुद्र के नीचे युद्ध लड़ने की क्षमताओं को तेज करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. अंजादीप पोत के चालू होने पर उन्होंने कहा कि यह कम पानी के पनडुब्बी रोधी युद्ध में से चौथा है और देश की समुद्र के नीचे युद्ध क्षमता को मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है.
भारत की समुद्री सीमा काफी मजबूत और सुरक्षित
त्रिपाठी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की हमारी खोज ने सुनिश्चित किया है कि यह जहाज (अंजादीप) मजबूत क्षमता और परिचालन प्रभावशीलता के साथ सेवा में प्रवेश करे. उल्लेखनीय है कि अंजादीप जहाज का निर्माण दक्षिण में लार्सन एंड टुब्रो के कट्टुपल्ली शिपयार्ड में कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और इंजीनियरों की टीम द्वारा किया गया है. यह जहाज गाजियाबाद में डिजाइन किए गए लड़ाकू प्रबंधन प्रणाली से सुसज्जित है और इसका नाम पश्चिमी क्षेत्र में अंजादीप द्वीप के नाम पर रखा गया है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के.त्रिपाठी ने कहा कि आज भारत की समुद्री सीमा काफी मजबूत और सुरक्षित है. भारतीय पोत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. कहा कि 2035 तक भारतीय नौसेना के बेड़ों में 200 युद्धपोतों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है. 2047 तक भारतीय नौसेना पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगी.
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News Source: PTI
