Home राज्यBihar ऐसा रहा सम्राट का राजनीतिक सफर! फिर RJD-JDU में जमाया हाथ; BJP से मिला स्टारडम

ऐसा रहा सम्राट का राजनीतिक सफर! फिर RJD-JDU में जमाया हाथ; BJP से मिला स्टारडम

by Sachin Kumar
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Samrat Choudhary : सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री का नया चेहरा होंगे और वह बुधवार को 11 बजे पद की शपथ लेंगे. इसी बीच उन्होंने कहा है कि वह पीएम मोदी की विकसित भारत की यात्रा को आगे बढ़ाएंगे.

Samrat Choudhary : नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और अब राज्यसभा के सदस्य के रूप में सेवा देंगे. उनकी जगह अब सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता बनाया गया है और अब वह शपथ लेने के लिए प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे. वह बुधवार को 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

बिहार की राजनीति का उभरता चेहरा

मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही सम्राट चौधरी अपनी पारी की नई शुरुआत करेंगे और प्रदेश को भी उनसे आशा होगी कि वह विकास की धारा को तेजी से आगे लेकर जाएंगे. उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी शुरुआत 90 के दशक में की थी. आपको बताते चलें कि सम्राट चौधरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पाठशाला से निकले हैं और न ही बीजेपी से अपनी सियासी पारी की शुरुआती की थी. इसके बाद भी बीजेपी के खाद पानी में वह इस तरह मिल गए कि उन्हें बिहार का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया.

राबड़ी देवी की सरकार में सम्राट युवा मंत्री बने थे और मांझी सरकार में कैबिनेट स्तर के मंत्री बनाए गए. लेकिन इसके बाद भी उनकी सियासी पहचान बीजेपी में आकर मिली. इसके अलावा उन्हें बीजेपी में शामिल हुए सिर्फ 8 साल हुए हैं और उन्होंने तमाम दिग्गज नेताओं को पीछे छोड़ दिया. साथ ही वह अब बिहार की राजनीति के सबसे बड़े चेहरे होंगे और इस गद्दी पर बैठकर बीजेपी को राज्य में पूरी तरह स्थापित करने में मदद करेंगे.

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट चौधरी को सियासत की विरासत अपने पिता शकुनी चौधरी से मिली. वह बिहार राजनीति में एक कद्दावर नेता रहे और कांग्रेस से लेकर जेडीयू में विधायक बने. साथ ही शकुनी चौधरी ओबीसी के सबसे बड़े चेहरे माने जाते थे. सम्राट शुरुआत में अपने पिता का हाथ थामकर रानजीति में आए और उसके बाद पूरा समीकरण पलटकर रख दिया.

JDU सरकार में भी बने मंत्री

सम्राट चौधरी आरजेडी छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए. इसके बाद साल 2014 में जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और फिर मांझी को बनाया गया तो वह कैबिनेट मंत्री बने. साथ ही जब मांझी के बाद नीतीश दोबारा सीएम बने तो सम्राट को कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी. वहीं, JDU में सियासी मौके नहीं मिलने की वजह से उनका पार्टी से मोहभंग हो गया और उन्होंने JDU को अलविदा कह दिया.

यह भी पढ़ें- बिहार में नई सरकार के लिए मंच तैयारः नीतीश ने दिया इस्तीफा, सम्राट बनेंगे सूबे के नए ‘सम्राट’

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