Home राज्यGujarat राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार या सेना का काम नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी: NSA

राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार या सेना का काम नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी: NSA

by Sanjay Kumar Srivastava
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डोभाल ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार या सेना का काम नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी

Convocation Ceremony: डोभाल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जटिल और बहुआयामी विषय है.

Convocation Ceremony: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया. डोभाल ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जटिल और बहुआयामी विषय है. डोभाल ने जोर देकर कहा कि किसी राष्ट्र की शक्ति का आकलन करते समय सबसे बड़ी चूक उसके लोगों की इच्छाशक्ति को नजरअंदाज करना है. उन्होंने कहा कि तकनीक, सैन्य बल, प्राकृतिक संसाधन और राजनयिक क्षमता महत्वपूर्ण घटक हैं, लेकिन अंततः जनता की अंतर्निहित ताकत ही सुरक्षा मामलों में निर्णायक साबित होती है.

जनशक्ति और इच्छाशक्ति का बताया महत्व

ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान से सोवियत संघ की वापसी, वियतनाम युद्ध में अमेरिका की स्थिति और हाल ही में अफगानिस्तान में अमेरिकी उद्देश्यों की विफलता का कारण सैन्य या तकनीकी कमी नहीं थी. इन सभी मामलों में स्थानीय लोगों की भावना और अटूट प्रतिबद्धता ने परिणाम तय किए. उन्होंने उत्तीर्ण होने वाले छात्रों से कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है. डोभाल के अनुसार, राष्ट्र की इच्छाशक्ति ही वह अंतिम तत्व है जो किसी भी देश को अजेय बनाता है.

नागरिकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध का एकमात्र उद्देश्य किसी के प्रतिद्वंद्वी का मनोबल तोड़ना है, जिससे उन्हें आपकी शर्तों पर संधि स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जा सके. डोभाल ने कहा कि इस ताकत के निर्माण में नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इस इच्छाशक्ति को विकसित करने में आम जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से अपनी सुरक्षा के बारे में जागरूकता की डिग्री. डोभाल ने कहा कि भारत इस संबंध में बदलाव देख रहा है. उन्होंने सभा में कहा कि आज अपने इतिहास में लंबे समय के बाद हम एक नई जागृति देख रहे हैं.

दीक्षांत समारोह में छात्रों को दिया संदेश

कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश द्वारा साझा की जाने वाली एक सामूहिक जिम्मेदारी है. यह केवल सशस्त्र बलों, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, यह आप सभी की संयुक्त ताकत है जो अंततः हमारे राष्ट्रीय मनोबल का निर्माण करती है. उन्होंने कहा कि ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और जागरूकता परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है. डोभाल ने क्षेत्र में चरित्र और अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मानसिक शक्ति और एक टीम के रूप में काम करने की क्षमता उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक गुण है. सुरक्षा क्षेत्र में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को एक संदेश में एनएसए ने कहा कि यह एक ऐसा खेल है जिसमें कोई रजत पदक नहीं है. आप या तो विजयी हैं, या आप हार गए हैं. यदि आप जीतते हैं, तो आप इतिहास बनाते हैं लेकिन अगर आप हार गए, तो आप इतिहास बन जाएंगे. आपका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा.

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News Source: PTI

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