Russo-Ukrainian War : रूस और यूक्रेन के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच दोनों देशों ने दावा किया है कि उन्होंने विरोधी देश की सेना को पीछे हटा दिया है. लेकिन अभी तक कोई भी शांति समझौता नहीं हो पाया है.
Russo-Ukrainian War : रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के चार साल पूरे हो गए हैं. दोनों ही देश अभी तक अपनी सफलताओं को लेकर अलग-अलग दाव कर रहे हैं. यूक्रेन का कहना है कि उसने मास्को की सेना को फ्रंट लाइन पर कुछ जगहों पर पीछे धकेल दिया है. इसी बीच क्रेमलिन का कहना है कि उसने अपने पड़ोसी देश को काफी पीछे धकेल दिया है. साथ ही यूक्रेन यह भी दावा करता आया है कि हमारे इलाकों पर रूसी हवाई हमले लगातार जारी हैं. वहीं, डोनेट्स्क रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के हेड वादिम फिलाश्किन ने मंगलवार को कहा कि पूर्वी यूक्रेन के स्लोवियांस्क शहर में तीन ग्लाइड बम गिरे हैं, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं.
यूक्रेन के 3 शहरों पर किया हमला
इमरजेंसी सेवा ने बताया कि यूक्रेन के तीन और शहरों में रात भर ड्रोन से हमले किए गए हैं, जिसमें दो बच्चों समेत 17 लोग गंभीर रूप घायल हुए हैं. यूक्रेन की एयर फोर्स ने कहा कि उसने रात में रूस द्वारा लॉन्च किए गए 137 ड्रोन में से 122 को मार गिराया. फिलहाल अमेरिका की मध्यस्थता में जारी रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत अभी ठंडे बस्ते में चली गई है क्योंकि यूएस खुद ईरान युद्ध में है. हालांकि, यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हो रही है क्योंकि सैनिकों की भारी कमी होने के बाद भी यूक्रेनी सेना जवाबी हमले कर रही है. दक्षिणी-पूर्वी निप्रॉपेट्रोस इंडस्ट्रियल इलाके के लगभग सभी इलाके पर कब्जा कर लिया है और रूसी सेना को वहां से खदेड़ दिया गया.
क्या है रूस का प्लान?
यूक्रेनी सेना ने दावा किया है कि फ्रंट लाइन पर उसने कब्जा कर लिया है. अब सिर्फ पूर्वी यूक्रेन में पोक्रोवस्क और दक्षिण में ओलेक्सांद्रिवका के पास जंग चल रही है. इसी बीच क्रेमलिन के एक सहयोगी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सोमवार की देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से कहा है कि रूसी सेना यूक्रेन में सफलतापूर्वक तेजी से आगे बढ़ रही है. यूरी उशाकोव ने रिपोर्टरों से कहा कि इस प्रगति से कीव को संघर्ष के बातचीत से समाधान की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बार-बार शांति और युद्ध समाप्त करने की बात कही है. इसके अलावा क्रेमलिन को पूरी उम्मीद मिडिल ईस्ट में तनाव होने की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है और इससे रूस को फायदा मिल सकता है. साथ ही दुनिया से यूक्रेन का ध्यान हटेगा और पश्चिम के हथियारों का जखीरा भी खत्म हो जाएगा.
इसी बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के लिए अमेरिका और उसके खाड़ी देश को अपने अत्याधुनिक हथियार यूक्रेन मास्को के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक बढ़त हासिल करेगा. साथ ही वह अमेरिका की एडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइलों की भी सप्लाई चाहता है, जिनकी यूक्रेन को रूस के हमलों का मुकाबला करने के लिए जरूरत है.
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News Source: PTI
