Netflix VFX Studio: अगर आपको हॉलीवुड वाले वीएफएक्स इंडियन फिल्मों में मिसिंग लगते हैं, तो ऐसा और ज्यादा टाइम तक नहीं होने वाला है. दरअसल, नेटफ्लिक्स हैदराबाद में 5वां सबसे बड़ा VFX स्टूडियो लॉन्च कर रहा है.
12 March, 2026
अगर आप ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ के डरावने मॉन्स्टर्स या ‘वेडनेसडे’ जैसी हॉलीवुड सीरीज़ के मैजिकल सीन्स के दीवाने हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है. दुनिया की सबसे बड़ी ओटीटी कंपनी नेटफ्लिक्स अब भारत को अपनी इस मैजिकल दुनिया का नया सेंटर बनाने जा रही है. दरअसल, नेटफ्लिक्स ने हैदराबाद में अपने प्रीमियम विजुअल इफेक्ट्स और वर्चुअल प्रोडक्शन हब ‘आईलाइन स्टूडियोज’ को लॉन्च कर दिया है. लॉस एंजिल्स, लंदन, सियोल और वैंकूवर के बाद हैदराबाद दुनिया का 5वां ऐसा शहर बन गया है जहां नेटफ्लिक्स का ये स्टूडियो होगा.

हैदराबाद ही क्यों?
नेटफ्लिक्स के इस ग्रेंड इंवेंट में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, आईटी मंत्री श्रीधर बाबू और साउथ सिनेमा के दिग्गज एक्टर-प्रोड्यूसर राणा दग्गुबाती भी मौजूद थे. अब सवाल ये उठता है कि नेटफ्लिक्स ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए हैदराबाद को ही क्यों चुना? दरअसल, आईलाइन स्टूडियोज के सीईओ जेफ शापिरो का कहना है कि हैदराबाद में दो ऐसी चीजें हैं जो मॉडर्न स्टोरी टेलर को चाहिए, पहला, एक बेहतरीन प्रोडक्शन इकोसिस्टम और दूसरा, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी टैलेंट का बड़ा खजाना. राणा दग्गुबाती ने भी इस बात पर मुहर लगाते हुए कहा कि हैदराबाद में शूटिंग की जो सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो देश के किसी और हिस्से में नहीं है. ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’ और ‘कल्कि’ जैसी फिल्मों ने पहले ही साबित कर दिया है कि तेलुगु सिनेमा विजुअल इफेक्ट्स के मामले में दुनिया को टक्कर दे रहा है.
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आईलाइन स्टूडियोज की खासियत
हैदराबाद में बना ये नेटफ्लिक्स स्टूडियो 32,000 वर्ग फुट में फैला हुआ है. ये सिर्फ एक ऑफिस नहीं है, बल्कि फ्यूचर की फिल्मों के प्रोडक्शन का कारखाना है. यहां ‘लाइट डोम’ वॉल्यूमेट्रिक लाइटिंग सिस्टम और एआई-ड्रिवन प्रोडक्शन टूल्स जैसी वो तकनीकें मौजूद हैं, जो अब तक सिर्फ हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में इस्तेमाल होती थीं. नेटफ्लिक्स के को-सीईओ टेड सारंडोस ने कहा कि जब कोई क्रिएटर कुछ नया सोचता है, तो सवाल ये नहीं होना चाहिए कि ‘क्या यह पॉसिबल है?’ बल्कि ये होना चाहिए कि ‘इसे कैसे बनाया जाए?’ आईलाइन स्टूडियोज इसी ‘कैसे’ का जवाब देगा.

रोजगार का मौका
भारत सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक इस सेक्टर में 20 लाख स्किल्ड नौकरियां पैदा करना है. नेटफ्लिक्स का ये कदम इसी विजन को मजबूती देता है. अब भारतीय कलाकारों और टेक्नीशियंस को ग्लोबल लेवल के प्रोजेक्ट्स जैसे ‘हैप्पी गिल्मोर 2’ और ‘डेयरडेविल: बॉर्न अगेन’ पर काम करने का मौका मिलेगा. यानी नेटफ्लिक्स का प्रोजेक्ट सिर्फ फिल्मों के बारे में नहीं है, बल्कि ये नौकरियों और लोगों के फ्यूचर के बारे में भी है.
इंडियन स्टोरीज
टेड सारंडोस के मुताबिक, भारत दुनिया के सबसे डायनेमिक स्टोरीटेलिंग मार्केट में से एक है. यहां की कहानियों में डीपनेस है और अब इस नई तकनीक के आ जाने से भारतीय मेकर्स अपनी इमेजिनेशन को पर्दे पर और भी ग्रेंड तरीके से उतार सकेंगे. ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों ने जो रास्ता दिखाया था, अब नेटफ्लिक्स उसे एक नए लेवल पर ले जाने के लिए तैयार है.
यानी हैदराबाद का ये नया स्टूडियो न सिर्फ भारतीय सिनेमा की तस्वीर बदलेगा, बल्कि ग्लोबल एंटरटेनमेंट मैप पर इंडिया को आगे बढ़ाएगा. यानी अब वो दिन दूर नहीं जब भारत में बैठकर बनाई गई विजुअल इफेक्ट्स वाली फिल्में पूरी दुनिया को हैरान कर देंगी.
News Source: PTI
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