Attack on Afghanistan: पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान पर जबरदस्त हवाई हमला किया. हमले में चार अफगानी नागरिक मारे गए.
Attack on Afghanistan: पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान पर जबरदस्त हवाई हमला किया. हमले में चार अफगानी नागरिक मारे गए. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया कि शुक्रवार तड़के पाकिस्तान की सेना ने काबुल और दक्षिणी प्रांत कंधार में रात भर हवाई हमले कर घरों को निशाना बनाया .दोनों पड़ोसी देशों के बीच लड़ाई का तीसरा सप्ताह है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान के विमानों ने कंधार हवाई अड्डे के पास निजी एयरलाइन काम एयर के ईंधन डिपो पर भी हमला किया. उन्होंने कहा कि यह कंपनी नागरिक एयरलाइनों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन की आपूर्ति करती है. पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि उसके अभियानों में सीमा पर पाकिस्तानी तालिबान और उनके नेटवर्क को निशाना बनाया गया, जिसे अफगानिस्तान ने कभी भी औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है.
तालिबान का दावा- कई घरों को बनाया निशाना
दोनों देशों ने दावा किया है कि वर्षों में उनकी सबसे घातक लड़ाई में भारी नुकसान हुआ है. इस्लामाबाद ने इस टकराव को अफगानिस्तान के साथ “खुला युद्ध” बताया है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तानी हमलों ने अफगानिस्तान के पक्तिया और पक्तिका प्रांतों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में कई नागरिक स्थलों और निर्जन स्थानों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि हमले का जवाब दिया जाएगा. काबुल पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान ने कहा कि शहर में बच्चों सहित चार नागरिक मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा बार-बार संयम बरतने की अपील का बहुत कम प्रभाव पड़ा है. पाकिस्तान ने पहले कहा है कि सीमा पर और अफगानिस्तान के अंदर उसके हमले पूरी तरह से खवारिज पर लक्ष्य करके किए गए हैं.
टीटीपी को पनाह दे रहा अफगानिस्तानः पाक
इस्लामाबाद इस खवारिज शब्द का उपयोग प्रतिबंधित पाकिस्तानी तालिबान के लिए करता है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी के रूप में भी जाना जाता है. इस्लामाबाद अक्सर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल इस आरोप से इनकार करता है. 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से टीटीपी ने पाकिस्तान के अंदर और सीमा पर हमले तेज कर दिए हैं. इस्लामाबाद का कहना है कि उसका सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक काबुल अपने क्षेत्र से सक्रिय टीटीपी और अन्य आतंकवादियों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता है. मौजूदा झड़पों ने अक्टूबर में कतर और तुर्की द्वारा मध्यस्थता से किए गए युद्धविराम को भी समाप्त कर दिया. अब दोनों पड़ोसी फिर से युद्ध के करीब आ गए हैं. कतर में हस्ताक्षर किए गए संघर्ष विराम के बाद इस्तांबुल में छह दिनों की वार्ता हुई, जिसमें युद्धविराम का विस्तार करने और नवंबर में तीसरे दौर की वार्ता आयोजित करने पर सहमति बनी.
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News Source: PTI
