Home Latest News & Updates दमोह में फिर से तीन दंपति हुए एक, महिला पर लगाया ये आरोप; जानें क्या है पूरा मामला

दमोह में फिर से तीन दंपति हुए एक, महिला पर लगाया ये आरोप; जानें क्या है पूरा मामला

by Live Times
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Three Couples Reunited Damoh Family Court

Madhya Pradesh : जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी की मौजूदगी में तीनों दंपतियों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर पुराने विवाद खत्म कर फिर से साथ रहने का संकल्प लिया है.

  • एमपी से अकीब खान की रिपोर्ट

Madhya Pradesh : दमोह जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में शनिवार को कुटुंब न्यायालय में तीन दंपति फिर से एक हुए हैं. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी की मौजूदगी में तीनों दंपतियों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर पुराने विवाद खत्म कर फिर से साथ रहने का संकल्प लिया है. तीनों ही मामलों की कहानी अलग-अलग है, लेकिन विवाद का कारण बिल्कुल छोटा सा था. इसके बाद यह मामला न्यायालय में पहुंचा और न्यायाधीश व अधिवक्ताओं की समझाने के बाद तीनों दंपति फिर से एक हुए.

मां नहीं बनने की थी आशंका

अधिवक्ता मनीष नगाइच ने बताया कि बक्सवाहा गांव निवासी दमयंती की शादी दमोह के खेजरा कला गांव निवासी मनीराम से 2023 में हुई थी. महिला के गर्भ में तीन बार बच्चा गिर गया और पति को आशंका हुई पत्नी कभी मां नहीं बन सकती. इसके बाद पति-पत्नी में विवाद शुरू हुआ और इसी विवाद के चलते पत्नी मायके चली गई. पिछले 1 साल से वह अपने मायके में रह रही थी. इसके बाद 2025 में न्यायालय में मामला लाया गया. शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी, न्यायाधीश मोहम्मद अजहर व अधिवक्ताओं की समझाने के बाद दोनों पति-पत्नी फिर से एक हुए. न्यायाधीश ने उन्हें न्याय वृक्ष दिया और दोनों को एक साथ रहने का संकल्प दिलाया. पति-पत्नी ने वादा किया कि अब वह हमेशा एक साथ रहेंगे और किसी बात पर विवाद नहीं करेंगे.

नहीं मिली पसंद की बाइक

इसी तरह दूसरे मामले में भारती की शादी दमोह निवासी विजय गौंड से 2022 में हुई थी. इसके बाद उन्हें एक बच्चा भी हुआ, लेकिन शादी में पति को मनपसंद बाइक नहीं मिली थी. इससे दोनों के बीच विवाद होता था. इसके बाद पत्नी मायके में रहने लगी और पिछले साल पति विजय ने न्यायालय में मामले को लगाया. लोक अदालत में न्यायाधीश ने इन दोनों ही दंपतियों को समझाकर पौधा दिया और बच्चे के साथ दोनों दंपत्ति को हंसते हुए विदा किया.

अधिक बोलती थी पत्नी

तीसरे मामले की कहानी भी रोचक है. दमोह के असलाना गांव निवासी राजा बाबू अहिरवार की शादी बंडा निवासी कीर्ति अहिरवार के साथ हुई थी. पति का कहना था कि उसकी पत्नी बहुत अधिक बात करती है. छोटी-छोटी बात पर उसके मां-बाप के साथ भी विवाद करती है, जिससे दोनों के बीच विवाद हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई. पिछले 6 महीने से पत्नी अपने मायके में रह रही थी. यह मामला भी कुटुम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और न्यायाधीश की समझाइश के बाद राजा बाबू और कीर्ति फिर से एक हुए. न्यायाधीश ने पौधा देकर एक साथ रहने का संकल्प दिलाया.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने कहा तीनों ही मामले में तीनों दंपतियों ने अपने पुराने गिले शिकवे भुलाकर एक साथ रहने का वादा किया. बातचीत से ही समस्या का हल निकलता है और विवाद सुलझाए जा सकते हैं.

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