Home Latest News & Updates होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- पावर प्लांट को कर देंगे तबाह

होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- पावर प्लांट को कर देंगे तबाह

by Sachin Kumar
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Middle East War Donald Trump Strait of Hormuz

Middle East War : डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि अगर होरमुज़ जलडमरूमध्य नहीं खुलता है तो वह पहले से ज्यादा भयंकर हमला करेगा. इस पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है.

Middle East War : मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके ईरान को खुली चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर ईरान ठीक इस समय से 48 घंटों के भीतर, बिना किसी धमकी के ‘होरमुज़ जलडमरूमध्य’ को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके विभिन्न ‘पावर प्लांट’ पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा. साथ ही इसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी. वहीं, ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान ने भी जवाबी पलटवार किया है और कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा करने की कोशिश भी की तो ईरान USA से जुड़े एनर्जी और आईटी सेक्टरों पर हमला करेगा.

अमेरिका बनाएगा पावर प्लांट्स को नुकसान

ट्रंप का स्पष्ट कहना है कि अगर समय सीमा समाप्त हो गई तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाना शुरू कर देगा. उन्होंने यह भी कह दिया कि इसकी शुरुआत सबसे प्लांट से होगी. वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की यह रणनीति ईरान की अर्थव्यवस्था और ईरानी लोगों के जीवन को ठप करने के लिए है. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर के देशों के लिए एनर्जी सप्लाई करने की धड़कन है. अगर ईरान इस गलियारे की घेराबंदी बनाकर रखता है तो ग्लोबल मार्कट में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी. अब ट्रंप प्रशासन पर भी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दबाव बनने लग गया है कि इजरायल के इस युद्ध की मार अमेरिकी जनता को क्यों झेलेगी?

क्या क्षेत्रीय संघर्ष होगा तेज?

इसके अलावा ट्रंप प्रशासन पर लगातार इस गलियारे को सुरक्षित करने का दबाव बनता जा रहा है. साथ ही ट्रंप ने इससे पहले अपने सहयोगी देश और NATO से इसे खुलवाने के लिए अपने सैन्य जहाज भेजने के लिए कहा था लेकिन सभी देशों ने मना कर दिया. नाटो सदस्यों का कहना है कि यह संगठन रक्षात्मक के लिए बनाया गया था न कि किसी दूसरे देश पर हमले के लिए बनाया गया था. दूसरी तरफ ट्रंप की तरफ से अल्टीमेटम मिलने के मतलब है कि वह किसी कूटनीति माध्यम से मामले को सुलझाने के पक्ष में नहीं है. अब अगले 48 घंटे तय करेंगे को मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो गया या फिर युद्ध गहरा और नया मोड़ लेगा. बता दें कि अमेरिका अगर ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करता है तो क्षेत्रीय युद्ध पहले के मुकाबले व्यापक हो सकता है. इसके अलावा वैश्विक ऊर्जा का संकट पहले के मुकाबले और ज्यादा गहरा सकता है.

विपक्ष पर ट्रंप ने साधा निशाना

बता दें कि ईरान युद्ध में बिना कांग्रेस की अनुमति से अमेरिका की एंट्री से राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति तेज हो गई है. विपक्षी पार्टी डेमोक्रेटिक ट्रंप प्रशासन पर हमलावर हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली लॉबी अमेरिकी शासन पर अपना कब्जा मनाए हुए हैं. इसके अलावा ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने भी रिजाइन देना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि यह युद्ध अमेरिकी जनता का नहीं है बल्कि इजरायल का है. इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कट्टर वामपंथी डेमोक्रेट्स ने अपने बुरे और लापरवाह तरीकों से बहुत से लोगों को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी, हमारे शानदार TSA अधिकारियों और सबसे महत्वपूर्ण हमारे देश के महान लोगों के साथ जो किया है वह पूरी तरह से शर्मनाक है. उन्होंने आगे कहा कि अगर डेमोक्रेट्स हमारे हवाई अड्डों पर और हमारे पूरे देश में दूसरी जगहों पर उचित और सही सुरक्षा की अनुमति नहीं देते हैं, तो ICE यह काम पहले से कहीं ज़्यादा बेहतर तरीके से करेगा!

ट्रंप ने कहा कि फ़ासीवादी डेमोक्रेट्स कभी भी अमेरिका की रक्षा नहीं करेंगे, लेकिन रिपब्लिकन्स करेंगे. ठीक वैसे ही जैसे कट्टर वामपंथियों ने अपनी बेतुकी और खतरनाक ‘खुली सीमा नीति’ के जरिए लाखों अपराधियों को हमारे देश में घुसने दिया, रिपब्लिकन्स ने उन सभी सीमाओं को बंद कर दिया. उन्होंने कहा कि अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे मज़बूत सीमा है.

यह भी पढ़ें- गैस की किल्लत खत्म! ईरान युद्ध के बीच 16,000 टन LPG लेकर भारत पहुंचा ‘पाइक्सिस पायनियर’ जहाज

News Source: PTI

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