Noida International Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे. समारोह की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गईं हैं.
Noida International Airport: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री योगी की निगरानी में लोकार्पण समारोह की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गईं हैं. इस मौके पर एक बड़ी रैली भी होगी. भाजपा इसकी तैयारियों में जुटी हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी नोएडा का दौरा कर रैली की तैयारियों का जायजा लिया था. जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो वो मूर्त रूप लेने जा रही है. उनके विजन के चलते यह प्रोजेक्ट प्रदेश के विकास का बड़ा प्रतीक बनकर उभर रहा है.
अभी एक रनवे के साथ शुरू होगा एयरपोर्ट
प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट को निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित कर रही है, जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा. मुख्यमंत्री योगी स्वयं पल-पल का अपडेट ले रहे हैं. हाल ही में उन्होंने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सभी तैयारियों का जायजा लिया था और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया था. गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से संचालन की दिशा में बढ़ रहा है. पहले चरण का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है. शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. पहले चरण में एयरपोर्ट एक रनवे के साथ शुरू होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.20 करोड़ यात्रियों की होगी. औसतन प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान है.
एयरपोर्ट पर होंगे पांच रनवे
अधिकारियों के अनुसार जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, एयरपोर्ट पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा. जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा. परियोजना के लिए कुल 6700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 5100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित किए जाने की योजना है. एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है. परियोजना के पूर्ण होने पर इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11750 एकड़ तक पहुंच जाएगा.
विकास को मिलेगी गति
अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है. परियोजना के साथ क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है. राज्य सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा. इसके संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा. विशेषज्ञों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा. साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
विमानन क्षेत्र में यूपी की नई उड़ान
वर्ष 1950 में जहां यूपी में एक भी हवाई अड्डा नहीं था, वहीं 2025 तक इनकी संख्या 16 (पांच निर्माणाधीन सहित) हो चुकी है. इसमें 12 घरेलू और 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं. विशेष रूप से नोएडा का जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा और कार्गो तथा ट्रांजिट हब के रूप में उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा. वर्ष 2017 से पहले 17 वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या में 55 लाख की वृद्धि हुई थी, जबकि पिछले आठ वर्षों में यह वृद्धि 82 लाख तक पहुंच गई. वर्ष 2025 में विमान यात्रियों की संख्या 1.42 करोड़ तक अनुमानित है. इस तेजी ने यूपी को विमानन क्षेत्र में नई उड़ान दी है.
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