West Asia Tension: पश्चिम एशिया में जारी संकट और देश में पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत की अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है.
West Asia Tension: पश्चिम एशिया में जारी संकट और देश में पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत की अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है. यह ग्रुप खाड़ीमें जारी संघर्ष , संकट और देश में पेट्रोलियम प्राइसेज से जुड़े मुद्दों की निगरानी करेगा. इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह , वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई अन्य मंत्री भी शामिल हैं. सरकार का यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर खासकर ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक स्थिति और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर नजर रखने के लिए उठाया गया है. उधर भारत सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है. पेट्रोल पर 10 और डीजल पर 10 रुपए की कटौती की गई है. साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति स्थिर है.
भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल भंडार
गौरतलब है कि देश भर में अफवाहों के चलते कई राज्यों में पंपों पर लंबी लाइनें देखी गई थीं, जिस पर सरकार ने यह कदम उठाया है. सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस कदम से जहां एक तरफ अफवाहों पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं पर इसका असर कम पड़ेगा. इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारत के पास पर्याप्त कच्चा तेल भंडार है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस बात की पुष्टि की है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने उपाय किए हैं. ऐसे में सरकार ने अफवाह फैलाने वालों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है. दूसरी तरफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की उपलब्धता, सुरक्षा , वतर्मान आर्थिक स्थिति पर निगरानी रखने के लिए एक हाई लेवल इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बना दिया है जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. यह कमेटी हर दिन रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दामों पर नजर रखेगी और जरूरी फैसला ले पाएगी.
होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट से बढ़ी तेल की कीमत
उधर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत को तेजी से ऊपर धकेल दिया है. होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की आशंका के चलते कीमत लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. इस उछाल का भारत में ईंधन की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा है. इधर वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच राजनीतिक दलों ने मौके का फायदा भी उठाना शुरू कर दिया है.लिहाजा कुछ राजनीतिक दलों ने इस मसले को लेकर राजनीति भी तेज कर दी है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक समारोह में लोगों को आगाह किया था कि कुछ एक दिन के बाद भारत में आर्थिक लॉकडाउन लग सकता है. इसके बाद से लोगों के बीच और भी पैनिक फैल गया है. सरकार की तरह से इस परिस्थिति से निपटने का प्रयास शुरू हो गया है.
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
गौरतलब है कि स्थिति पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने पहले भी इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया था. लेकिन मौके की नजाकत को देखते हुए सरकार ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक हाई लेवल ग्रुप बना दिया है जो देश में रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी. इधर माना जा रहा है कि सरकार के डीजल पर एक्साइज जीरो करने और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर करने पर ईंधन की कीमत में बड़ी गिरावट की गुंजाइश बनती है. लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स कटौती के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमत तुरंत नहीं गिर सकतीं. दरअसल ऐसा कहा जा रहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इस समय कच्चे तेल की वैश्विक कीमत में बढ़ोतरी की वजह से भारी नुकसान का सामना कर रही हैं.
टैक्स कटौती से उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा बोझ
अनुमानों के मुताबिक कंपनियों को लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. इसकी भरपाई कंपनियां इस टैक्स राहत का इस्तेमाल करके करने की कोशिश कर रही हैं. इससे आम जनता पर बोझ नहीं पड़ेगा और महंगाई कंट्रोल में रहेगी. दरअसल एक्साइज ड्यूटी में कटौती का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए कीमत सीधे कम करने के बजाय तेल कंपनियों पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को कम करना है. टैक्स में कटौती करके सरकार कंपनियों की बढ़ती लागत को खुद वहन करने में मदद कर रही है. इससे कीमत में बढ़ोतरी के जरिए इसका पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा. अगर तेल कंपनियां एक्सेस कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का फैसला करती हैं तो पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है. हालांकि यह पूरी तरह से बाजार की स्थिति और कंपनियों के फैसले पर निर्भर करता है.
ये भी पढ़ेंः क्या फिर से लगने वाला है लॉकडाउन? हरदीप पुरी ने बताई सच्चाई, तेल कीमतों पर भी बोलें पेट्रोलियम मंत्री
