Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई संभावना नहीं है.
Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई संभावना नहीं है. पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमत 70 डालर से बढ़कर 122 डालर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो भारत जैसी 80% आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है. मंत्री ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क (excise duty) में कटौती से हुए राजस्व घाटे की भरपाई हेतु अतिरिक्त संसाधन जुटाने के संकेत दिए. सरकार ने आश्वस्त किया है कि भारत के पास दो महीने का पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है, इसलिए जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है. वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि ब्रेंट क्रूड 13 मार्च के बाद से 100 अमेरिकी डॉलर से नीचे नहीं गिरा है और परिणामस्वरूप, उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमत पूरी दुनिया में बढ़ गई हैं.
डीजल और पेट्रोल की कीमत में कोई वृद्धि नहीं
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में 30 से 50 प्रतिशत, उत्तरी अमेरिका में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. मंत्री ने कहा कि हालांकि, भारत में डीजल और पेट्रोल की कीमत में कोई वृद्धि नहीं हुई है. सीतारमन ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि भारत के नागरिकों पर कोई बोझ नहीं डाला जाना चाहिए. सीतारमण ने कहा कि परिणाम यह है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत पूरी तरह से अपरिवर्तित बनी हुई हैं. उनमें वृद्धि नहीं हुई है. तेल विपणन कंपनियां आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखेंगी. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भारत के लोगों को नुकसान न हो.
अफवाहों को किया खारिज
आसन्न लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज करते हुए सीतारमण ने कहा कि प्रतिबंध पाकिस्तान और बांग्लादेश में लगाए गए हैं, न कि भारत में. कुछ राजनेता अफवाह फैला रहे हैं कि लॉकडाउन होगा. भारत में लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है. वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान सीतारमण ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में 53.47 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यय की परिकल्पना की गई है, जो 31 मार्च को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष की तुलना में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि है. अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये है. इसमें 44.04 लाख करोड़ रुपये का सकल कर राजस्व संग्रह और 17.2 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का प्रस्ताव है. FY27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि जीडीपी चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत से कम है.
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News Source: PTI
