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कौन हैं यमन के हूती? जिन्होंने इजरायल पर किया मिसाइल से हमला; एंट्री से बदली युद्ध की शक्ल

by Sachin Kumar
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Who are Yemen Houthis

Yemen Houthis : इजरायल पर हमला करने के बाद हूती संगठन एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है. अगर इस संगठन ने युद्ध बढ़ाया तो सबसे पहले उसका लाल सागर में देखने को मिल सकता है.

Yemen Houthis : यमन की राजधानी सना में शुक्रवार को हूती लड़ाकों ने हथियार लहराते हुए अपना शक्ति प्रदर्शन दिखाया. ये लोग लेबनान और ईरान के समर्थन में नारे लगा रहे थे और आधिकारिक तौर पर इजरायल के खिलाफ युद्ध में कूदने का भी ऐलान कर दिया है. हूतियों ने ईरान का समर्थन करने के बाद इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं. लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर हमला करना न सिर्फ एक बड़े गलियारे को बंद करने की बात है बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार को भारी झटका दिया है. ईरान के समर्थन वाले इस गुट ने जब से मोर्चे पर जाने का ऐलान किया है तब से अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता बढ़ गई है.

कौन हैं हूती, जिन्होंने मचाया कहर

हूती संगठन के लोग मुख्य रूप से उत्तरी यमन में अपना कब्जा जमाए बैठे हैं और सैन्य, राजनीतिक और धार्मिक संगठन है. इन लड़ाकों का समर्थन मुख्य रूप हूती परिवार करता है, जिसकी वजह से इस संगठन के लोगों को हूती लड़ाकों कहा जाता है. अगर धार्मिक पक्ष की बात करें तो यह इस्लाम के ‘जैदी शिया’ संप्रदाय से संबंध रखता है. वहीं, साल 2011 में सऊदी क्रांति के बाद जब यमन में राजनीतिक अस्थिरता आने लगी तो उसके बाद हूतियों ने अपनी ताकत को बढ़ाना शुरू कर दिया और इन्होंने देश के एक बड़े हिस्से पर अपना कब्जा कर लिया.

शुरुआत में लड़ते थे गुरिल्ला युद्ध

बताया जाता है कि शुरुआती समय में हूती लड़ाके गुरिल्ला युद्ध लड़ते थे, लेकिन समय बीतने के साथ इन्होंने अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाना शुरू कर दिया. साथ ही ईरान का भी इनको समर्थन मिलने लगा, क्योंकि ईरान लगातार आर्थिक मदद और हथियार दे रहा था. हूतियों के मजबूत होने के पीछे ईरान का समर्थन का माना जाता है. आज ये सिर्फ गुरिल्ला युद्ध लड़ने वाले लड़ाके नहीं है बल्कि ये एक ऐसी ताकत बन चुके हैं जिनके पास अत्याधुनिक ड्रोन और लंबी दूरी मार करने वाली मिसाइल हैं.

लाल सागर में भी मचाया था कोहराम

7 अक्टूबर, 2023 को जब हमास ने इजरायल पर हमला किया था और बदले में इजरायली कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत हो गई. इसके बाद हूतियों ने हमास के समर्थन में युद्ध लड़ने का ऐलान कर दिया था. उन्होंने लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया. उस वक्त हूतियों का कहना था कि वह उन्हीं जहाजों को अपना निशाना बना रहे हैं जिनका संबंध इजरायल से है. हालांकि, उस दौरान भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर पड़ा था.

अर्थव्यवस्था मंडराया संकट का खतरा

हूतियों की तरफ से इजरायल के खिलाफ युद्ध में एंट्री करने के बाद गल्फ कंट्रीज के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है. हूती के पास ऐसी मारक क्षमताएं हैं कि वह लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों को अपना निशाना बना सकती हैं. अगर हूतियों की तरफ से हमला तेज होता है तो स्वेज नहर से लेकर हॉर्मुज स्ट्रेट तक व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा और दुनिया भर के देशों पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है. दुनिया भर में पहले से ही गैस और क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित है और अगर लाल सागर बंद होता है तो गैस की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है. अब यही वजह है कि हूतियों की सक्रियता पर हर किसी नजर टिकी हुई है और अगर यह युद्ध बढ़ता है तो इसका असर मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया में देखने को मिलेगा.

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News Source: PTI

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