Raghav Chadha: राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी इन दिनों कुछ ज्यादा ही चर्चा में हैं. दरअसल, पद छिनते ही राघव ने सोशल मीडिया पर अपना रिपोर्ट कार्ड जारी कर दिया है.
03 April, 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा फेरबदल चर्चा में बना हुआ है. कभी पार्टी के सबसे चमकते स्टार और अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाने वाले राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है. जैसे ही ये खबर आई, सियासी गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो गई कि क्या राघव और पार्टी हाईकमान के बीच कुछ गड़बड़ चल रही है. हालांकि, पद से हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मोंटाज शेयर किया. इस वीडियो में उन्होंने राज्यसभा में अपने अब तक के परफॉर्मेंस की झलकियां दिखाईं.
राघव का पलटवार
वीडियो में उन मुद्दों को हाइलाइट किया गया जो उन्होंने सदन में पार्टी के उप-नेता के तौर पर उठाए थे, जैसे मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, डेटा एक्सपायरी की प्रोब्लम, पैटरनिटी लीव को राइट बनाने की मांग और एयरपोर्ट पर लगने वाला एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज. जानकारों का मानना है कि ये वीडियो शेयर करके राघव चड्ढा ने इशारों-इशारों में ये बताने की कोशिश की है कि उन्होंने अपना काम बखूबी किया है.
यह भी पढ़ेंःAAP ने राज्यसभा में छीना राघव चड्ढा से बोलने का अधिकार, अब कौन उठाएगा जनता की आवाज
रूटीन चेंज या कुछ और?
दूसरी तरफ, नए उप-नेता अशोक मित्तल ने इस बदलाव को एक नॉर्मल प्रोसेस बताया है. उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि सभी सांसदों को एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल सीखने का मौका मिले. मित्तल के मुताबिक, पहले एन.डी. गुप्ता इस पोस्ट पर थे, फिर राघव आए और अब उन्हें मौका मिला है. उन्होंने ये भी क्लियर किया कि राघव चड्ढा को फ्यूचर में भी बोलने का टाइम दिया जाएगा और पार्टी में लोकतंत्र बरकरार है.
राघव और केजरीवाल में दूरियां?
पॉलिटिक्स के पंडितों की मानें तो राघव चड्ढा को हटाए जाने के पीछे उनकी लंबी खामोशी और हाल के महीनों में पार्टी प्रोग्राम से उनकी अनुपस्थिति एक बड़ी वजह हो सकती है. दरअसल, जब मार्च 2024 में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब राघव इलाज के बहाने विदेश में थे. वो केजरीवाल की 6 महीने की जेल के दौरान भी सीन से गायब रहे. हाल ही में जब केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को शराब नीति मामले में कोर्ट से राहत मिली, तब भी राघव ने कोई बयान नहीं दिया और न ही जंतर-मंतर की रैली में नजर आए. इसके अलावा स्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा दूसरे ऐसे बड़े राज्यसभा सांसद बन गए हैं जिनके बारे में पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों की खबरें आम हो रही हैं. जो राघव कभी पंजाब चुनाव से लेकर दिल्ली की सरकार चलाने तक में मेन रोल निभाते थे, उन्हें अब धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है.
‘आप’ का अगला प्लान?
राज्यसभा में ‘आप’ के पास कुल 10 सांसद हैं जिसमें 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से. राघव को पद से हटाना और उनकी जगह अशोक मित्तल को लाना हिंट देता है कि पार्टी अब पंजाब की लीडरशिप को सदन में ज्यादा तवज्जो दे रही है. हालांकि, संजय सिंह जैसे नेताओं ने इसे एक संगठनात्मक फैसला बताया है, लेकिन राघव चड्ढा का बोलना और उनके बोलने का कोटा कम किए जाने की खबरों ने सस्पेंस बरकरार रखा हुआ है. अब देखना ये होगा कि राघव चड्ढा पार्टी में अपनी खोई हुई जगह वापस पाते हैं या नहीं? फिलहाल तो उन्होंने अपने वीडियो के जरिए शांति से अपना पक्ष रख दिया है.
यह भी पढ़ेंः मिशन केरल: मोदी ने बूथ कार्यकर्ताओं में भरा जोश, कहा- बदलाव के लिए तैयार है राज्य, विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार
