Home Latest News & Updates कांग्रेस का ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ पर वार: पेमा खांडू मामले को लेकर मोदी के नारे को बताया ‘सरासर धोखा’

कांग्रेस का ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ पर वार: पेमा खांडू मामले को लेकर मोदी के नारे को बताया ‘सरासर धोखा’

by Sanjay Kumar Srivastava
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कांग्रेस का 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' पर वार

Scam in Arunachal: सुप्रीम कोर्ट ने 6 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों को बिना टेंडर 1,270 करोड़ रुपये के ठेके देने के आरोपों की CBI को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं.

Scam in Arunachal: सुप्रीम कोर्ट ने 6 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों को बिना टेंडर 1,270 करोड़ रुपये के ठेके देने के आरोपों की CBI को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं. इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे को “पूरी तरह से धोखा” करार दिया. विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि यह तो बस शुरुआत है और भाजपा के कई अन्य मुख्यमंत्री भी इसी श्रेणी में आते हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खांडू के परिजनों को पिछले 10 वर्षों (2015-2025) में सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े ठेके देकर नियमों का उल्लंघन किया गया है. कोर्ट ने CBI को 16 हफ्तों में रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

कांग्रेस ने कहा- यह तो सिर्फ शुरुआत है

कांग्रेस का हमला सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को ठेके देने के मामले में दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच करने का निर्देश देने के बाद आया. विकास पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अभी सीबीआई को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर दिए गए ठेकों की प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है. यह सिर्फ शुरुआत है. बीजेपी के कई अन्य सीएम भी इसी श्रेणी में हैं, जिनमें पूर्वोत्तर का एक पूर्व सीएम भी शामिल है. ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ पूरी तरह से एक धोखा है – जो अब उजागर हो रहा है.

16 सप्ताह के भीतर दाखिल होगी रिपोर्ट

रमेश ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही अक्सर पीएम मोदी की भ्रष्टाचार मिटाने की प्रतिज्ञा “न खाऊंगा न खाने दूंगा” का उल्लेख करता है और उन पर हमला करता है. रमेश ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही यह आरोप लगाता रहा है कि मोदी का ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ का नारा महज बयानबाजी है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सीबीआई को इस मामले में 16 सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.

10 साल में किए गए कार्यों की होगी जांच

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए सरकारी ठेकों की दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच शुरू करने का आदेश दिया. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जांच में 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक राज्य में निष्पादित सभी सार्वजनिक कार्यों, अनुबंधों और कार्य आदेशों की समीक्षा शामिल होगी. अदालत ने निर्देश दिया कि सीबीआई 16 सप्ताह के भीतर इस मामले की स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपे.

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News Source: PTI

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