Poshan Pakhwada: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बुधवार ( 9 अप्रैल) से पोषण पखवाड़ा का आठवां संस्करण शुरू कर रहा है.
Poshan Pakhwada: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बुधवार ( 9 अप्रैल) से पोषण पखवाड़ा का आठवां संस्करण शुरू कर रहा है. इस वर्ष की थीम ‘जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना’ रखी गई है. मंत्रालय के अनुसार, जीवन के शुरुआती 1,000 दिन शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं. वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मानव मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है. यह अभियान बेहतर पोषण, सही देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सशक्त बनाने की सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
23 अप्रैल तक चलेगा कार्यक्रम
पोषण पखवाड़ा 9 से 23 अप्रैल तक मनाया जाएगा. यह कार्यक्रम केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर व महिला एवं बाल विकास सचिव अनिल मलिक की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा. मंत्रालय के अनुसार, वैज्ञानिक यह मानते हैं कि प्रारंभिक बचपन, विशेष रूप से पहले 1,000 दिन मस्तिष्क के विकास, शारीरिक विकास और समग्र कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है. वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि छह साल की उम्र तक 85 प्रतिशत से अधिक मस्तिष्क का विकास हो जाता है. जो अच्छे पोषण, सही देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व को दर्शाता है. इस वर्ष की थीम के तहत प्रमुख फोकस क्षेत्रों में गर्भावस्था के दौरान इष्टतम पोषण को बढ़ावा देने के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण, विशेष स्तनपान और आयु उपयुक्त पूरक आहार शामिल है.
आंगनवाड़ी केंद्र होंगे और मजबूत
कार्यक्रम सही देखभाल और प्रारंभिक सीखने की बातचीत को प्रोत्साहित करके 0 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के बीच मस्तिष्क के विकास के लिए ध्यान केंद्रित करेगा. समग्र विकास और स्कूल की तैयारी में सहायता के लिए 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा एक अन्य फोकस क्षेत्र है. मंत्रालय ने कहा कि स्वस्थ आदतों और सक्रिय जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए छोटे बच्चों के बीच माता-पिता और समुदायों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला जाएगा. बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण में सुधार के लिए सामुदायिक भागीदारी, जन भागीदारी और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रदर्शन किया जाएगा.
स्वस्थ जीवन शैली पर भी होगी बात
कार्यक्रम के जरिए प्रारंभिक बचपन देखभाल और पोषण सेवाओं को मजबूत करने में फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं, विशेष रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को बताया जाएगा. पखवाड़ा के दौरान माताओं, देखभाल करने वालों, परिवारों, सामुदायिक संस्थानों और स्थानीय निकायों की भागीदारी के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके तहत पोषण पंचायतें, जागरूकता सत्र, प्रारंभिक गतिविधियां, खेल-आधारित सीखने की पहल और छोटे बच्चों के बीच स्वस्थ जीवन शैली और कम स्क्रीन समय को बढ़ावा देने वाले अभियान शामिल होंगे.
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News Source: PTI
