Iran-US Peace Talks : ईरान और अमेरिका के बीच में शांति वार्ता विफल हो गई है. हालांकि, अभी भी पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच में आगे भी चर्चा होगी और मिडिल ईस्ट में शांति बनी रहेगी.
Iran-US Peace Talks : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है. उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान के साथ बातचीत में ज्यादा मुद्दों पर सहमति बन गई थी. लेकिन ईरान अभी भी परमाणु हथियार के डेवलपमेंट कार्यक्रम को रोकने को तैयार नहीं है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि उनका सबसे बड़ा फोकस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर है. साथ ही अगर ईरान ने इसको रोकने की कोशिश की तो उसको जवाब दिया जाएगा.
जानें क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
ईरान से शांति वार्ता होने के बाद अमेरिका के सभी प्रतिनिधि वापस अपने देश लौट चुके हैं और उन्होंने ट्रंप को इस बारे में विस्तार से बताया है. इसी बीच ट्रंप ने कहा कि ईरान ने Strait of Hormuz को खोलने का वादा किया था और उन्होंने जान-बूझकर ऐसा नहीं किया. इससे दुनिया भर के कई लोगों और देशों में चिंता, उथल-पुथल और तकलीफ पैदा हुई. वे कहते हैं कि उन्होंने पानी में माइन्स बिछा दी हैं, जबकि उनकी पूरी नेवी और उनके ज़्यादातर ‘माइन ड्रॉपर्स’ पूरी तरह से उड़ा दिए गए हैं. हो सकता है उन्होंने ऐसा किया हो, लेकिन कौन जहाज़ का मालिक ऐसा जोखिम उठाना चाहेगा? उन्होंने आगे कहा कि इससे ईरान की प्रतिष्ठा को बहुत बड़ी बदनामी और हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा है और उनके जो ‘नेता’ बचे हैं, उन्हें भी; लेकिन हम इन सब बातों से आगे निकल चुके हैं.
वाटरवे को खोलने की करें तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने वादा किया था, बेहतर होगा कि वे इस INTERNATIONAL WATERWAY को खोलने का काम तेज़ी से शुरू करें! वे हर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं. मुझे उपराष्ट्रपति JD Vance, विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner ने उस बैठक के बारे में पूरी जानकारी दी. उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि उन्होंने, जो इस्लामाबाद में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के नेक और बहुत ही काबिल नेतृत्व में हुई थी. वे बहुत ही असाधारण लोग हैं और भारत के साथ होने वाले एक भयानक युद्ध में 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए वे लगातार मेरा शुक्रिया अदा करते हैं. मुझे यह सुनकर हमेशा अच्छा लगता है.
20 घंटे तक चली दोनों देशों के बीच में चर्चा
इसके अलावा ट्रंप ने यह भी कि जिस मानवता की बात की जाती है, वह अकल्पनीय है. ईरान के साथ बैठक सुबह सवेरे शुरू हुई और यह पूरी रात (20 घंटे) तक चली. मैं बहुत विस्तार से बता सकता हूं, और उन बहुत सी बातों के बारे में बात कर सकता हूं जो हासिल हुई हैं, लेकिन सिर्फ़ एक ही बात मायने रखती है. ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने को तैयार नहीं है! साथ ही जिन बातों पर सहमति बनी, वे हमारे सैन्य अभियानों को पूरा करने से बेहतर हैं. लेकिन उन सभी बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब हम परमाणु शक्ति को ऐसे अस्थिर, मुश्किल और अप्रत्याशित लोगों के हाथों में जाने दें. मेरे तीनों प्रतिनिधि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, हैरानी की बात नहीं कि ईरान के प्रतिनिधियों मोहम्मद-बाघेर ग़ालिबफ़, अब्बास अराघची और अली बाघेर के साथ बहुत ही दोस्ताना और सम्मानजनक हो गए. लेकिन इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता, क्योंकि वे सबसे ज़रूरी मुद्दे पर बिल्कुल भी झुकने को तैयार नहीं थे. जैसा कि मैंने हमेशा कहा है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे!
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News Source: PTI
