Home राज्यJammu Kashmir राजौरी और पुंछ में सुरक्षा कड़ीः दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना हाई अलर्ट पर

राजौरी और पुंछ में सुरक्षा कड़ीः दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना हाई अलर्ट पर

by Sanjay Kumar Srivastava
0 comment
राजौरी और पुंछ में सुरक्षा कड़ीः दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना हाई अलर्ट पर

Rajouri Day: जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं.

Rajouri Day: भारत की सेना दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर वक्त तैयार है. ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं. दुश्मनों के किसी भी शत्रुतापूर्ण कृत्य का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. राजौरी जिले में ‘राजौरी दिवस’ कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थानीय लोगों की भूमिका की सराहना की. कहा कि वे नापाक इरादों को विफल करने के लिए समन्वय में मिलकर काम करना जारी रखेंगे.

बलिदानियों को नमन

मालूम हो कि 1947-48 में सीमा पार से घुसपैठ करने वाले पाकिस्तानी सेना के जवानों से राजौरी जिले की मुक्ति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों की बहादुरी और वीरता को याद करने के लिए हर साल 13 अप्रैल को ‘राजौरी दिवस’ मनाया जाता है. अधिकारी ने कहा कि आगे भी, पीर पंजाल के लोग, प्रशासन और सुरक्षा बल आपस में मिलकर काम करते रहेंगे और हमेशा दुश्मन के नापाक मंसूबों को नाकाम करेंगे. कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना सीमाओं पर पूरी तरह से सतर्क है और दुश्मन की हर शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.

कल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी

मेजर जनरल मुखर्जी ने कहा कि जब सेना सीमाओं की रक्षा करती है तो स्थानीय आबादी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करते हुए बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती है. उन्होंने कहा कि यह विश्वास, साझेदारी और देशभक्ति की भावना हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. सेना अधिकारी ने स्थानीय आबादी के कल्याण के लिए राजौरी और पास के पुंछ जिले में सेना द्वारा की जा रही कई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी साझा की.

सेना के सहयोग से शहर का दौरा करेंगे छात्र

जीओसी ने कहा कि प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सेना, नागरिक प्रशासन के सहयोग से एक संयंत्र स्थापित करने के लिए तैयार है जो अपशिष्ट प्लास्टिक को इंटरलॉकिंग टाइल्स में बदल देगा. इन टाइलों का उपयोग नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ आगे के क्षेत्रों में ट्रैक बनाने के लिए किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल प्लास्टिक प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार भी पैदा होगा. सेना अधिकारी ने ‘डिजिटल भारत दर्शन’ पहल के बारे में भी बात की, जिसमें कहा गया कि कार्यक्रम के तहत सेना सरकारी स्कूलों के छात्रों को हर महीने एक प्रमुख शहर का दौरा करने की सुविधा प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को देश भर में हो रहे विकास से अवगत कराना है और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को मुख्यधारा के शहरों से जोड़ने में मदद करना है.

ये भी पढ़ेंः J&K में बड़ी कार्रवाई: दो सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त, जांच शुरू, लश्कर और हिजबुल से थे संबंध

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?