Stock Market: आज सुबह की शुरुआत शेयर मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव वाली रही. जहां डॉलर के मुकाबले रुपये मज़बूत होता दिखा, तो वहीं मार्केट में आई बिकवाली ने इन्वेस्टर्स को फिर बेहाल कर दिया.
16 April, 2026
आज सुबह जब शेयर बाजार खुला, तो ऐसा लगा मानों मार्केट में जबरदस्त जोश भरा हो. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही लंबी छलांग लगाकर दिन की शुरुआत की, लेकिन जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, इन्वेस्टर्स ने थोड़ा प्रोफिट घर ले जाने का मन बना लिया. इसी वजह से बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को पूरी तरह बरकरार नहीं रख पाया और ऊपरी लेवलों से थोड़ा फिसल गया. देखा जाए तो, गुरुवार की सुबह इन्वेस्टर्स के लिए खुशियां लेकर आई थी.
सेंसेक्स-निफ्टी की पलटी
सेंसेक्स करीब 619 अंक उछलकर 78,730 के लेवल पर जा पहुंचा, वहीं निफ्टी ने भी 24,400 का आंकड़ा छू लिया था. हालांकि, मार्केट में आई ये तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी. सुबह 10 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 200 पॉइंट की बढ़त के साथ 78,311 पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, निफ्टी 24,290 के आसपास बना हुआ था. यानी शेयर मार्केट ने जितनी ऊंचाई पकड़ी थी, वहां से वो करीब 400 पॉइंट नीचे आ गया.
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मार्केट गिरने के कारण
अब आप सोच रहे होंगे कि इतनी अच्छी शुरुआत के बाद आखिर शेयर बाजार सुस्त क्यों पड़ा? तो इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं. पहला प्रॉफिट बुकिंग, जैसे ही बाजार ऊंचाई पर पहुंचा, स्मार्ट इन्वेस्टर्स ने अपना प्रोफिट सेफ करना शुरू कर दिया. जब ज्यादा लोग शेयर बेचने लगते हैं, तो मार्केट में थोड़ी गिरावट आना नॉर्मल बात है. दूसरा कारण है ऑटो और एफएमसीजी शेयर्स में गिरावट. दरअसल, बाजार के दो बड़े पिलर हैं- ऑटोमोबाइल और FMCG कंपनियां. आज इन दोनों के शेयर्स में बिकवाली देखी गई. ब्रिटानिया, नेस्ले, हीरो मोटोकॉर्प और आयशर मोटर्स जैसे बड़े नाम करीब 1 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे शेयर मार्केट का मूड थोड़ा बिगड़ गया.
तीसरी वजह
एक्सपर्ट्स का मानना था कि निफ्टी के लिए 24,400 का लेवल एक बड़ी रोडा है. जैसे ही निफ्टी ने इसे छुआ, वहां से प्रेशर फील होने लगा और बाजार नीचे आ गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. अगर निफ्टी 24,140 के पास खुद को संभालता है, तो फिर से तेजी आ सकती है.
रुपये का कमाल
एक तरफ शेयर मार्केट में उठापटक थी, तो दूसरी तरफ रुपये ने अपना कमाल दिखाया. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी कमी और डॉलर की कमजोरी की वजह से रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 93.27 पर पहुंच गया. मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी भारतीय करेंसी को सहारा दिया है. फिलहाल ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे ट्रे़ड कर रहा है, जो इंडियन इकोनॉमी के लिए एक राहत की बात है.
News Source: PTI
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