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17 अप्रैल: ‘लोकतंत्र का काला दिन’, जब आधी आबादी के हक के खिलाफ खड़ा हुआ विपक्ष

by Sanjay Kumar Srivastava
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17 अप्रैल: 'लोकतंत्र का काला दिन', जब आधी आबादी के हक के खिलाफ खड़ा हुआ विपक्ष-अन्नपूर्णा देवी

Women Reservation: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए ’17 अप्रैल’ को लोकतंत्र का काला दिन बताया.

Women Reservation: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए ’17 अप्रैल’ को लोकतंत्र का काला दिन बताया. कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक हक को रोका. महिला आरक्षण पर राजनीति गरमा गई है. कहा कि 17 अप्रैल को ‘काला दिन’ के रूप में जाना जाएगा. उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलने देने का आरोप लगाया. 2029 में संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को गिर गया. रविवार को लखनऊ में यूपी बीजेपी कार्यालय में अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 21वीं सदी में 17 अप्रैल को काले दिन के रूप में जाना जाएगा.

मोदी ने महिलाओं को बनाया सशक्त

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया गया है. और, अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की बारी है. उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस सत्र की ओर देख रही हैं कि उन्हें वे अधिकार मिलेंगे, जिनसे वे वंचित हैं. विपक्ष ने न केवल विधेयक के खिलाफ मतदान किया, बल्कि उन्होंने आधी आबादी का दिल तोड़ दिया. उन्होंने उनकी उम्मीदों और आकांक्षाओं को तोड़ दिया.

विपक्ष पर जश्न मनाने का आरोप

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके हमेशा से चाहते थे कि महिलाओं को उनका अधिकार न मिले. जब सदन में संख्या सामने आई, तो वे जश्न मना रहे थे. दूसरे शब्दों में, वे नहीं चाहते थे कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले. महिलाएं अब जाग गई हैं और वे भविष्य में कांग्रेस, एसपी, डीएमके और टीएमसी को जवाब देंगी. उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन न करने पर विपक्ष की आलोचना की.

कांग्रेस-टीएमसी ने महिला आरक्षण का उड़ाया मजाक

पटना में भाजपा कार्यालय में चौधरी ने कहा कि यह एक ‘काला दिन’ था, जब संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया और कांग्रेस और टीएमसी जैसी पार्टियों ने महिला आरक्षण का मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अपने किए की कीमत चुकानी होगी. हमारी पार्टी की महिला कार्यकर्ता इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरने जा रही हैं. विशेष रूप से, राज्य पार्टी अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को घोषणा की थी कि भाजपा महिला शाखा 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर विपक्ष के रुख के विरोध में सोमवार को “आक्रोश मोर्चा” निकालेगी. कहा कि कांग्रेस और उसके बिहार सहयोगी राजद ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया, जबकि इन पार्टियों ने बिहार पर शासन किया. ये पार्टियां पंडित नेहरू के नक्शे कदम पर चलती हैं, जिन्होंने हमेशा प्रगतिशील कदमों में बाधा डालने की कोशिश की.

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News Source: PTI

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