India-SK Bilateral Talks : साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली भारत दौरे पर आए हैं. इसी बीच दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय वार्ता भी की और AI समेत विभिन्न सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए MoU पर साइन भी किए.
India-SK Bilateral Talks : भारत और साउथ कोरिया के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है. इस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भी शामिल हुए हैं. साथ ही इस बाचतीच में दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग पर जोर दिया. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव के दौर में भारत और दक्षिण कोरिया शांति और स्थिरता पर जोर दे रहे हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रपति ली ने भारत सरकार और भारतीय जनता का आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया.
कानून का शासन दोनों देशों के ब्लड में
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और कानून के शासन का सम्मान भारत और दक्षिण कोरिया के ब्लड में है. इसके अलावा इंडो-पैसिफिक को लेकर भी दोनों देशों की सोच काफी समान है. ऐसी सोच के आधार पर भारत और साउथ कोरिया के बीच संबंध काफी गतिशील और व्यापक बने हुए हैं. वहीं, राष्ट्रपति ली की इस यात्रा के साथ भारत और साउथ कोरिया अपनी साझेदारी को भविष्य के लिए मजबूत करने जा रहे हैं. प्राइम मिनिस्टर ने यह भी कहा कि चिप, जहाज प्रतिभा से तकनीक, पर्यावरण से ऊर्जा समेत कई सेक्टरों में सहयोग के माध्यम से साकार किया जाएगा.
भारत आना सम्मान की बात : राष्ट्रपति ली
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली ने पीएम मोदी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत, भारत सरकार और भारतीय जनता का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मेरे और हमारे प्रतिनिधिमंडल के प्रति जो आतिथ्य दिखाया है वह इसके लिए धन्यवाद देते हैं. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति भी है. साथ ही दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के रूप में 8 साल बाद यहां पर आकर काफी खुशी हुई.
AI-सेमीकंडक्टर पर होगा जोरा
पीएम मोदी ने कहा कि इस बातचीत के माध्यम से भारत और दक्षिण कोरिया आने वाले 10 सालों की नींव रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और सूचना प्रोद्योगिकी में साझेदारी को मजबूत करने के लिए डिजिटल ब्रिज शुरू किया जा रहा है. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बताया जहाज निर्माण, सतत विकास, इस्पात और बंदरगाह में भी MoU साइन किए गए हैं. इसके माध्यम से दोनों देशों की आर्थिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रगति होगी. साथ ही फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग के क्षेत्रों में भी नई संभावना खुलेंगी.
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News Source: PTI
