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डिप्लोमेसी, एक्शन और ड्रामा, Pakistan की एक गुजारिश ने बदला Donald Trump का इरादा!

by Preeti Pal
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डिप्लोमेसी, एक्शन और ड्रामा , Pakistan की एक गुजारिश ने बदला Donald Trump का इरादा!

Donald Trump: मिडिल ईस्ट में जल रही वॉर की आग थोड़ी ठंडी पड़ती दिख रही है. हालांकि, धुआं अब भी लगातार उठ रहा है. आप भी जानें क्या है ताजा अपडेट.

22 April, 2026

मिडल ईस्ट में मचे घमासान के बीच एक राहत भरी खबर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है. ये फैसला तब आया जब 8 अप्रैल को शुरू हुआ दो हफ्ते का सीजफायर खत्म होने ही वाला था. ट्रंप के इस फैसले के पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बड़ी भूमिका रही है. इनकी गुजारिश पर ‘बॉम्बिंग’ का इरादा फिलहाल टाल दिया गया है.

ट्रंप का अल्टीमेटम

ट्रंप ने साफ कहा है कि उन्होंने ये एक्सटेंशन सिर्फ इसलिए दिया है ताकि ईरान का बिखरा हुआ नेतृत्व एक एकजुट प्रस्ताव लेकर सामने आ सके. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की सरकार इस समय अंदरूनी कलह से जूझ रही है. उन्होंने वॉर्निंग दी है कि हमला तब तक ही रुका है जब तक ईरान की तरफ से शांति की कोई ठोस पेशकश नहीं आती. दिलचस्प बात ये है कि इस फैसले से कुछ ही घंटे पहले ट्रंप का तेवर काफी सख्त था. उन्होंने कहा था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वो बमबारी शुरू कर देंगे, क्योंकि उनके मुताबिक वॉर के लिए तैयार रहना एक बेहतर ऑप्शन है. फिलहाल, इस सीजफायर के एक्सटेंशन के चलते उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के खास दूतों की इस्लामाबाद यात्रा टल गई है.

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चोर-सिपाही का खेल

भले ही आसमान से बम नहीं गिरेंगे, लेकिन समुद्र में ईरान की मुश्किलें कम नहीं होने वाली हैं. ट्रंप ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि ईरान के बंदरगाहों की आर्थिक घेराबंदी जारी रखी जाए. इधर, पेंटागन ने हिंद महासागर में एक ऐसे तेल टैंकर को पकड़ लिया है जिस पर ईरान से कच्चा तेल तस्करी करने का आरोप है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्छी ने इस घेराबंदी को युद्ध की कार्रवाई करार दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए कहा कि ये सीजफायर का उल्लंघन है और ईरान जानता है कि ऐसी दादागिरी का मुकाबला कैसे करना है.

जनता की जेब पर असर

इस वॉर का सबसे बड़ा असर दुनिया भर के किचन और गाड़ियों के बजट पर पड़ा है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है. इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जो फरवरी के मुकाबले 30 प्रतिशत ज्यादा हैं.

पाकिस्तान की कोशिशें

पाकिस्तान इस टाइम एक बड़े और अहम बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है. इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत के लिए 10,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है और उम्मीद जताई है कि दोनों देश जल्द ही एक पीस डील पर पहुंचेंगे. यानी देखा जाए तो, दुनिया ने चैन की सांस तो ली है, लेकिन ये शांति कितनी लंबी चलेगी, ये इस पर निर्भर करता है कि ईरान अपनी आपसी गुटबाजी छोड़कर क्या प्रस्ताव देता है.

News Source: PTI

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