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शांति वार्ता पर संकट: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर किया हमला, बताया अपना नियंत्रण

by Sanjay Kumar Srivastava
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शांति वार्ता पर संकट: ईरान ने होर्मुज में जहाज पर की गोलीबारी , जलडमरूमध्य पर बताया अपना नियंत्रण

Strait of Hormuz: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की. यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्ध विराम बढ़ाने के प्रस्ताव के बीच हुआ.

Strait of Hormuz: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की. यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा युद्ध विराम बढ़ाने के प्रस्ताव के बीच हुआ. इस घटना ने पाकिस्तान में होने वाली संभावित शांति वार्ता को जटिल बना दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयास प्रभावित हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित युद्ध विराम विस्तार का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वागत किया है. शरीफ ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि इस अतिरिक्त समय से चल रहे राजनयिक प्रयासों को बल मिलेगा और पाकिस्तान संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेगा. हालांकि, इस कूटनीति के बीच तनाव चरम पर है.

जारी रहेगी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदीः ट्रंप

ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी, जिसे ईरान ने अस्वीकार कर दिया है. इसी नाकाबंदी के विरोध में ईरान अब तक इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में शामिल नहीं हुआ है. स्थिति तब और बिगड़ गई जब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर कल्पना से परे हमला करने की धमकी दी. हाल ही में अमेरिका द्वारा एक ईरानी कंटेनर जहाज और तेल टैंकर को जब्त किए जाने के बाद ईरानी गनबोट्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर फायरिंग की. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. जहां ईरान की ‘नूर न्यूज़’ ने इसे चेतावनियों की अनदेखी का परिणाम बताया, वहीं ‘फ़ार्स एजेंसी’ ने इसे जलडमरूमध्य पर ईरान का वैध नियंत्रण करार दिया है.

वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर असर

यह घटनाक्रम वैश्विक तेल व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है. शांतिकाल में दुनिया का लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस रणनीतिक जलमार्ग को पार करता है, जो फारस की खाड़ी से खुले महासागरों की ओर जाता है. फरवरी में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला करने तक पूरी तरह से खुला था. युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान ने जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग यातायात को कम कर दिया है, जिससे तेल की कीमत आसमान छू रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है.

आगे बढ़ा युद्ध विराम

बुधवार के शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल 98 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब था, जो युद्ध शुरू होने के दिन से 30% से अधिक है. पाकिस्तान दूसरे दौर की वार्ता के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है. अब तक ईरान ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि तेहरान वार्ता फिर से शुरू करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा. पहला दौर 11 और 12 अप्रैल को बिना किसी समझौते के समाप्त हो गया, जबकि 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा युद्ध विराम आगे बढ़ गया.

ये भी पढ़ेंः ‘युद्ध के लिए इजरायल ने नहीं मनाया…’ ट्रंप ने विरोधियों को दिया जवाब; कहा- वेनेजुएला की तरह आएंगे नतीजे

News Source: PTI

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