Jyeshtha Month 2026: इस साल अधिकमास ज्येष्ठ महीने के दौरान पड़ रहा है, जिससे इसकी सारी तिथियां जैसे- एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या दो बार आएंगी.
1 May, 2026
साल 2026 बहुत ही खास है. इस साल ज्येष्ठ माह एक नहीं बल्कि दो महीने तक चलेगा. इस साल अधिकमास ज्येष्ठ महीने के दौरान पड़ रहा है. अधिकमास या पुरुषोत्तम मास तीन साल में एक बार आता है. इसे बहुत पवित्र महीना माना जाता है, क्योंकि इस दौरान हर तिथि दो बार आती है. ज्येष्ठ महीने में अधिकमास पड़ने से यह 60 दिन का हो गया है और इसकी सारी तिथियां जैसे- एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या दो बार आएंगी. चलिए जानते हैं, इस दौरान कौन से त्योहार किस दिन पड़ेंगे.
कब से कब तक का है अधिकमास
ज्येष्ठ अधिक मास रविवार, 17 मई को शुरू होगा, जो शुक्ल पक्ष का पहला दिन है और सोमवार, 15 जून को अमावस्या के दिन खत्म होगा. अधिक मास शुक्ल पक्ष में शुरू होता है और कृष्ण पक्ष में खत्म होता है.

मई ज्येष्ठ मास के व्रत-त्योहार
2 मई: ज्येष्ठ महीने की शुरुआत.
3 मई: देवर्षि नारद प्राकट्योत्सव और अचारपुरा मेले का जश्न.
5 मई: भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी व्रत.
8 मई: जैन संत तारण तरण गुरुपर्व का आध्यात्मिक उत्सव.
10 मई: पंचक काल की शुरुआत.
13 मई: अचला/अपरा एकादशी व्रत.
14 मई: भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत.
15 मई: सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करता है, जिसे वृष संक्रांति के रूप में जाना जाता है.
16 मई: शनि जयंती, वट सावित्री व्रत, श्राद्ध के लिए अमावस्या (अमावस्या का दिन).
17 मई: पुरुषोत्तम महीने या अधिक मास की शुरुआत.
18 मई: रोहिणी व्रत.
20 मई: विनायकी चतुर्थी व्रत.
21 मई: गुरु-पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग.
26 मई: गंगा दशहरा.
27 मई: अधिकमास का पुरुषोत्तम एकादशी व्रत.
28 मई: प्रदोष व्रत.
30 मई: पूर्णिमा व्रत.
31 मई: अधिकमास स्नान और दान पूर्णिमा.

जून 2026 में ज्येष्ठ महीने के व्रत और त्योहार.
3 जून: गणेश चतुर्थी व्रत.
11 जून: पुरुषोत्तम एकादशी व्रत.
12 जून: प्रदोष व्रत.
14 जून: अमावस्या, रोहिणी व्रत.
15 जून: सूर्य मित्र संक्रांति (सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करता है)
24 जून: मां गायत्री प्रकटोत्सव.
25 जून: निर्जला एकादशी व्रत (भीमसेनी एकादशी), आशूरा की याद में यौम-ए-आशूरा त्योहार.
27 जून: शनि प्रदोष, वट सावित्री व्रत
29 जून: ज्येष्ठ पूर्णिमा, संत कबीर की जयंती.
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