Home Religious वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जान लें सही तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त

वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जान लें सही तिथि, पूजा विधि और मुहूर्त

by Neha Singh
0 comment
Vaishakh Purnima Dos and Donts (1)

Vaishakh Purnima Dos and Donts: वैशाख पूर्णिमा के दिन विधि विधान के अनुसार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और दान-पुण्य करना चाहिए. यहां जानें इस दिन आपको किन कामों से बचना चाहिए.

27 April, 2026

सनातन धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व है. ज्यादातर त्योहार पूर्णिमा के दिन ही होते हैं. इसी तरह वैशाख माह की पूर्णिमा का भी अपना महत्व है, क्योंकि यह महीना भगवान विष्णु को प्रिय है. वैशाख पूर्णिमा के दिन विधि विधान के अनुसार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और दान-पुण्य करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है. पूर्णिमा के दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है, लेकिन कई लोग जानकारी न होने के कारण गलतियां कर देते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि वैशाख पूर्णिमा कब है, शुभ महूर्त कब है और इस दिन क्या नहीं करना चाहिए.

कब है वैशाख पूर्णिमा

वैशाख पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे शुरू होकर 1 मई की रात 10:52 बजे खत्म होगी. उदया तिथि के अनुसार, 1 मई को वैखाश पूर्णिमा की पूजा की जाएगी. खास बात यह है कि इस दिन चांद अपने पूरे रंग में होता है, जो मन के संतुलन और शांति पाने के लिए एक अच्छा समय है.

वैशाख पूर्णिमा 2026 के मुख्य मुहूर्त

व्रत/स्नान की तारीखें: 1 मई, 2026
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:15 बजे से 4:58 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
प्रदोष काल (लक्ष्मी पूजा): शाम 6:56 बजे (सूर्यास्त) के बाद

वैशाख पूर्णिमा का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और मन को शांति मिलती है, लेकिन अगर यह मुमकिन न हो, तो आप घर पर ही गंगाजल से स्नान करके भगवान का ध्यान कर सकते हैं. इस दिन पानी, खाना, कपड़े, फल और मिठाई दान करना बहुत शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान भगवान विष्णु की पूजा, सत्यनारायण कथा का पाठ और दीपदान करने किया जाता है. माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और जीवन में आने वाली रुकावटें धीरे-धीरे दूर होती हैं.

इस दिन न करें ये गलतियां

तामसिक भोजन- पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजना जैसे- मांस, लहसुन, प्याज, शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है.

क्रोध और विवाद- पूर्णिमा के दिन व्रत करने वाले लोगों को क्रोध और विवाद से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इस दिन घर में कलेश करने से लक्ष्मी चली जाती है.

बाल और नाखून काटना– पूर्णिमा के दिन बाल काटना और नाखून काटना भी वर्जित होता है, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है.

कर्ज का लेने देन– पूर्णिमा के दिन किसी से भी पैसे उधार न लें और न ही किसी को दें. ऐसा माना जाता है कि इस दिन पैसे का लेन-देन करने से पैसे की तंगी हो सकती है.

देर तक सोना – पूर्णिमा की सुबह और शाम को सोना मना माना जाता है. इससे आलस और नेगेटिविटी बढ़ती है. इस दिन सुबह उठकर भगवान विष्णु ओर देवी लक्ष्मी की पूजा करना चहिए.

यह भी पढ़ें- एक ही दिन हुए थे 3 महाचमत्कार, बौद्ध धर्म के लिए बेहद खास है वैशाख पूर्णिमा, जानिए महत्व

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?