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70 फिल्में, 30 साल और अब फोर्ट सेंट जॉर्ज की बारी, Vijay की पॉलिटिक्स पड़ रही सब पर भारी!

by Preeti Pal
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70 फिल्में, 30 साल और अब फोर्ट सेंट जॉर्ज की बारी, विजय की पॉलिटिक्स पड़ रही सब पर भारी!

Vijay TVK Win: साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार थलपति विजय तमिलनाडु की राजनीति में नया चैप्टर लिखने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. लेकिन उससे पहले असली स्टार के बारे में ये बातें भी जान लें.

04 May, 2026

तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ आ गया है जिसकी कल्पना दशकों से की जा रही थी. आज चुनाव के रिजल्ट के बाद जोसेफ विजय चंद्रशेखर यानी सबके फेवरेट ‘थलपति’ विजय वो करने वाले हैं, जो पिछले 49 सालों में कोई फिल्म स्टार नहीं कर पाया. वो एमजीआर (M.G. Ramachandran) के बाद राज्य के पहले ऐसे एक्टर बनेंगे, जो सीधे एक्टिंग की दुनिया से निकलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेंगे. साल 1977 में जब एमजीआर ने ‘फोर्ट सेंट जॉर्ज’ पर जीत हासिल की थी, तब उन्होंने न सिर्फ चुनाव जीता था, बल्कि राजनीति और सिनेमा के कॉम्बिनेशन का एक ऐसा फॉर्मूला तैयार किया था जिसने तमिलनाडु को अगले 10 सालों तक एक नई दिशा दी.

जयललिता का भी नाम

एमजीआर के बाद जयललिता जरूर मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन उन्होंने एमजीआर की बनी-बनाई पार्टी एआईएडीएमके को आगे बढ़ाया. विजय पहले ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने सिर्फ 2 साल पुरानी अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेट्टरी कषगम’ (TVK) के दम पर सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है. रुझानों के मुताबिक, विजय की पार्टी टीवीके 105 सीटों पर आगे चल रही है. 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए. अगर विजय इस मैजिकल नंबर को छू लेते हैं, तो ये इंडियन पॉलिटिक्स के इतिहास का सबसे बड़ा डेब्यू होगा. वहीं, अगर वो थोड़ा पीछे भी रहते हैं, तो भी किंगमेकर ही कहलाएंगे, क्योंकि उनके बिना सरकार बनना नामुमकिन होगा.

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सालों की तैयारी

विजय की ये सक्सेस कोई रातों-रात मिला चमत्कार नहीं है. उन्होंने इसकी नींव साल 2009 में ही रख दी थी जब उन्होंने अपने बड़े फैन क्लब नेटवर्क को ‘विजय मक्कल इयक्कम’ (VMI) के रूप में संगठित किया. शुरुआत में इसे एक समाज सेवा नेटवर्क बताया गया, जिसने शिक्षा, राहत कार्य और लोकल लोगों की प्रोब्लम पर काम करके बूथ लेवल तक अपनी पहचान बनाई. फिर साल 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में उनके समर्थकों ने निर्दलीय तौर पर भारी जीत दर्ज की. उसी टाइम दुनिया को समझ आ गया था कि विजय की पॉपुलैरिटी अब सिर्फ तालियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वोटों में बदलने को तैयार है.

सिनेमा को अलविदा

फरवरी 2024 में जब विजय ने अपनी पार्टी लॉन्च की, तो उन्होंने एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया. उन्होंने अनाउंस किया कि वो अब और फिल्में नहीं करेंगे और अपनी पूरी लाइफ पॉलिटिक्स को डेडिकेट कर देंगे. 30 साल के करियर और करीब 70 ब्लॉकबस्टर फिल्मों के बाद ये फैसला उनके सपोर्टर्स के लिए एक बड़ा मैसेज था कि वो राजनीति को ‘पार्ट-टाइम’ काम की तरह नहीं देख रहे हैं. उन्होंने खुद को डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने वर्चस्व के बीच एक क्लीन ऑप्शन की तरह पेश किया.

एमजीआर वर्सेस विजय

एमजीआर की पॉपुलैरिटी जहां जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके फिल्मी मसीहा वाले रूप पर टिकी थी. वहीं, विजय की अपील आज की जेनेरेशन की प्रोब्लम्स से जुड़ी है. वो बेरोजगारी, करप्शन, एजुकेशन की बात करते हैं. सोशल मीडिया पर उनके टाउन हॉल से आयोजित जनसभाओं ने उन्हें एक ऐसे नेता के तौर पर पेश किया है जो सिर्फ भाषण नहीं देता, बल्कि लोगों की सुनता भी है.

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