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TVK को न्योता देरी से देने पर ‘गवर्नर’ पर उठे सवाल, कांग्रेस ने बताया अलोकतांत्रिक रवैया

by Sachin Kumar
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Cong BJP argue governor delay invite TVK form govt

Tamil Nadu News : तमिलनाडु में राज्य की सबसे पार्टी TVK को सरकार बनाने के लिए न्योते में देरी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने आ गईं. INC ने कहा कि बहुमत साबित करने की जगह विधानसभा है.

Tamil Nadu News : तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव का नतीजा सामने आ गए और इस बार विजय थलापति के नेतृत्व वाली TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया और अब वह दूसरे रानजीतिक दलों से संपर्क साधकर बहुमत का आंकड़ा जुटाने की कोशिश कर रही है. इसी बीच सरकार बनाने के लिए विजय को गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की तरफ से न्योता नहीं देने को लेकर कांग्रेस और BJP के नेताओं के बीच जंग छिड़ गई. बता दें कि TVK ने 23 अप्रैल को हुए चुनाव के बाद 4 मई को नतीजे के दिन 108 सीटें जीती थीं और राज्य में सरकार बनाने के लिए 234 सीटों में से 118 की जरूरत पड़ती है. अब यह मामला त्रिशंकु विधानसभा पर आकर टिक गया है.

कांग्रेस ने फैसले को बताया ‘अलोकतांत्रिक’

गवर्नर की तरफ TVK को समय पर न्योता नहीं देने को लेकर कांग्रेस और BJP आमने सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या TVK को सरकार बनाने के लिए बुलाने से पहले मेजॉरिटी बनाने पर जोर देना चाहिए था. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विजय की सरकार बनाने में देरी के लिए बीजेपी की कोशिश बताया. साथ ही गवर्नर के फैसले को एक अलोकतांत्रिक तरीका बताया. दूसरी तरफ BJP ने गवर्नर के काम को सही ठहराया और संवैधानिक समझदारी पर जोर दिया.

विजय करना चाहिए तुरंत आमंत्रित

कांग्रेस सांसद मानिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि एक पूर्व बीजेपी नेता, जो अब गवर्नर पद पर विराजमान हैं. अब बीजेपी उनका इस्तेमाल करके एक बड़ी पार्टी को सत्ता पर काबिज में देरी करवा रही है. पार्टी ने कहा कि गवर्नर को तुरंत आमंत्रित करना चाहिए और बहुमत का परीक्षण विधानसभा पर छोड़ देना चाहिए. दूसरी तरफ बीजेपी प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि गवर्नर को अपने कर्तव्यों का पालन कानून के अनुसार करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि गवर्नर उस पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं, जो पूर्ण बहुमत से चुनी गई हो. इसके अलावा यदि सबसे बड़ी पार्टी सरकार बनाने की इच्छा व्यक्त करती है, तो संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत गवर्नर की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह पार्टी निर्वाचित सदस्यों द्वारा समर्थन प्राप्त कर सकती है या नहीं.

बहुमत साबित करने की जगह विधानसभा

वहीं, कांग्रेस सासंद जोतिमणि ने कहा कि बहुमत का परीक्षण विधानसभा के पटल पर होना चाहिए, न कि राजभवन में होना चाहिए. साथ ही गवर्नर जनता के जनादेश के रास्ते में बाधा नहीं बन सकता है. बता दें कि द्रविड़ की दो मुख्य पार्टियां DMK और AIADMK बहुमत के करीब नहीं हैं. अब इसका मतलब है कि राज्य में मुकाबला त्रिशंकु विधानसभा पर पहुंच गया है. दोनों खेमों में कम संख्या वाली पार्टियां VCK, PMK, CPI, CPI(M), IUML, DMDK और AMMK में खेल को बदलने की क्षमता रखती हैं. वहीं, गवर्नर लगातार टीवीके से सहयोगी सदस्यों और दूसरे पार्टनर्स से सपोर्ट लेटर जमा करने के लिए कह रहे थे.

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News Source: PTI

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