Bengal Violence : बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के बाद पुलिस अलर्ट मोड में है. साथ ही सीमावर्ती इलाके में थानों को एक्टिव कर दिया गया ताकि राज्य छोड़कर बाहर न जा सकें.
Bengal Violence : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या बाद राजनीतिक गरमाई हुई है. साथ ही अब इसकी जांच भी तेजी से चल रही है. सुवेंदु ने इसकी जानकारी दी है कि जांच तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही है. इस हत्याकांड को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है कि चंद्रनाथ की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. इसी बीच राज्य के सीमावर्ती जिलों के पुलिस थानों ने निगरानी और तलाशी तेज कर दी है. जांचकर्ताओं को शक है कि BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या में पड़ोसी राज्य के पेशेवर शूटरों का हाथ हो सकता है.
सीमावर्ती इलाकों में स्थित थानों को किया अलर्ट
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताया कि पुलिस उन स्थानीय अपराधियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने हमलावरों को लेकर साजो-सामान मुहैया कराई गई है. उत्तरी परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की मोटर साइकिल पर सवार बंदूकधारियों द्वारा हत्या किए जाने 36 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है. एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि मोटरसाइकिल सवार लोगों ने जिस तरह से हमला किया है, उससे पता लगता है कि इसके लिए पहले से ही जासूसी चल रही थी. साथ ही इसमें राज्य से बाहर शूटरों को बुलाए जाने का मामला भी हो सकता है. फिलहाल, सीमावर्ती पर स्थिति सभी थानों को अलर्ट रहने का आदेश दिया जा चुका है.
पुलिस और केंद्रीय बलों की गई तैनाती
वहीं, जांच के दौरान कई जगहों पर चेकिंग किया जा रहा है और जेसोर रोड के आसपास के इलाकों से मिले सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है. वहीं, हमलावरों ने हमला करने के बाद जिस तरह इलाके से निकले हैं उससे पता चलता है कि वह रास्ते से अच्छी तरह से वाकिफ थे. बताया जा रहा है कि स्थानीय मदद के बिना रास्ते से इस तरह से निकल पाना थोड़ा मुश्किल होगा. दूसरी तरफ पुलिस और जासूसी विभाग के अधिकारियों ने कोलकाता के मध्यग्राम और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही पुलिस और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती कर दी गई है.
बता दें कि अपराध के दौरान जिस बाइक का इस्तेमाल किया गया था वह साल 2012 में आसनसोल के बर्नपुर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड थीं. हालांकि, पुलिस को पता चला कि वाहन रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए पते पर उस नाम का कोई भी व्यक्ति फिलहाल नहीं रहता है.
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News Source: PTI
