ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापा मारा. छापेमारी से मुख्यमंत्री भगवंत मान भड़क गए.
ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापा मारा. ED के अफसरों ने मंत्री अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी और गिरफ्तारी से मुख्यमंत्री भगवंत मान भड़क गए. मान ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला केंद्र अपने राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. संगरूर में सीएम मान ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के पास चार से पांच हथियार हैं जिसका राजनीतिकरण किया गया है. मान ने कहा कि लंबे समय से बीजेपी उसे अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है. चाहे वह महाराष्ट्र हो, ओडिशा हो, बिहार हो, कर्नाटक हो, पश्चिम बंगाल हो. अब पंजाब उनके निशाने पर है.
चंडीगढ़ में अरोड़ा के आधिकारिक आवास की भी तलाशी
उधर, अधिकारियों ने कहा कि ईडी ने शनिवार को एक नए पंजीकृत मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ नए सिरे से तलाशी ली. उन्होंने कहा कि जिन पांच परिसरों पर छापेमारी की गई, उनमें चंडीगढ़ में अरोड़ा का आधिकारिक आवास भी शामिल है. अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज करने के बाद तलाशी शुरू की गई थी. अप्रैल में ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नागरिक प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर छापा मारा था. अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हैं.
मान का आरोप- बीजेपी में शामिल हो जाओ, सब माफ
भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र की आलोचना करते हुए मान ने कहा कि ईडी के छापे का उद्देश्य कोई काला धन या कोई अवैध दस्तावेज ढूंढना नहीं है, उनका उद्देश्य उस व्यक्ति को यह संदेश देना है कि वह भाजपा में शामिल हो जाए और उसने जो कुछ भी किया है उसे माफ कर दिया जाएगा. मान ने कहा कि पिछले महीने ईडी की छापेमारी राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं पर की गई थी. मान ने कहा कि कुछ दिन पहले अशोक मित्तल के परिसरों पर दो दिनों तक छापेमारी जारी रही. लेकिन उनके भाजपा (आप के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ) में शामिल होने के बाद छापे खत्म हो गए और कुछ दिनों बाद मित्तल को सम्मानित किया गया और उन्हें ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई. फिर ईडी मामले का क्या हुआ? इसका मतलब है कि ईडी का राजनीतिकरण हो रहा है.
एक साल में तीसरी बार छापा
मान ने कहा कि वे केवल यह बताने आए हैं कि भाजपा में शामिल हो जाओ, नहीं तो उनके कारोबार बंद हो जाएंगे. मान ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला केंद्र विरोधियों के बीच इस तरह का डर पैदा करके काम करता है और कहा कि वे अन्य राज्यों में ऐसा करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन उनकी रणनीति पंजाब में काम नहीं करेगी. इससे पहले मान ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि आज एक बार फिर बीजेपी की ईडी अरोड़ा के घर आई है. एक साल में यह तीसरी बार है जब बीजेपी की ईडी उनके घर
आई है.
संविधान और लोकतंत्र को बचाने का संकल्प
मान ने कहा कि मैं मोदी जी को बताना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की भूमि है, जिसे औरंगजेब भी नहीं जीत सका. राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए चुनाव से कुछ महीने पहले विपक्ष शासित राज्यों में ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भेजने की भाजपा की योजना है. उन्होंने आरोप लगाया कि वे चुनाव लूटने के लिए वोट डिलीट जैसे हथकंडे भी अपनाते हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन आप सरकार डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान में विश्वास करती है. हम संविधान और देश के लोकतंत्र को बचाएंगे. कहा कि पंजाब के लोगों ने इस देश में लोकतंत्र को देखने के लिए सबसे अधिक बलिदान दिया. कहा कि भाजपा चाहे कितने भी हमले कर ले, हम उनके सभी हमलों का जवाब देंगे.
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News Source: PTI
