Somnath Amrut Mahotsav: आज ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के दौरान पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. इसके बाद 11 तीर्थों के जल से मंदिर के शिखर का कुंभाभिषेक किया गया.
11 May, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात पहुंचे हैं. भगवान शिव को समर्पित सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है. पीएम ने सबसे पहले, सोमनाथ जिले में एक रोड शो किया. प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास हेलीपैड से वीर हमीरजी सर्कल तक लगभग 1.5 km लंबे रास्ते पर बड़ी संख्या में लोग PM मोदी का स्वागत करने के लिए लाइन में खड़े थे. जब उनका काफिला इलाके से गुजरा तो उन्होंने झंडे लहराए और नारे लगाए.
पश्चिम बंगाल समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने रास्ते में तय जगहों पर पारंपरिक डांस किया. इसके बाद पीएम ने सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की और शिवलिंग का जलाभिषेक किया.

पहली बार 11 तीर्थों के जल से हुआ शिखर का कुंभाभिषेक
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर के शिखर का पहली बार कुंभाभिषेक किया गया है. देश भर के 11 पवित्र तीर्थ स्थलों के जल से मंदिर के शिखर काअभिषेक किया गया. सबसे पहले हेलीकॉप्टर से मंदिर पर फूल भी बरसाए गए. इस अभिषेक समारोह के लिए एक खास कलश का इस्तेमाल किया गया. पीएम मोदी भी इस समारोह में शामिल हुए. समारोह के दौरान, पवित्र जल मंदिर को बड़े कलश से 90 मीटर ऊंचे शिखर पर डाला गया. कुंभाभिषेक के दौरान मंदिर का दृश्य अद्भुद था. सभी हाथ जोड़े हर-हर महादेव के नारे लगा रहे थे. इसके बाद, प्रधानमंत्री सद्भावना ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे.
VIDEO | Gir, Gujarat: Indian Air Force's Suryakiran Aerobatic Team performs manoeuvres above the Somnath Temple as part of the Somnath Amrutparv 2026 celebrations, marking 75 years of the consecration of the temple.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 11, 2026
Source: Third Party
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/RrTPENlm5P
एयर फोर्स ने किया एयर शो
अमृत महोत्सव और खास बन गया, जब एयरफोर्स ने शिखर के ऊपर शानदार प्रदर्शन किया. कुंभाभिषेक खत्म होने के बाद, भारतीय वायु सेना की मशहूर सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने एयर शो किया. छह हॉक एमके-132 ने मंदिर के ऊपर आसमान में दिल बनाया और करतब दिखाया. केसरिया, सफेद और हरे स्मॉक से भारतीय तिरंगे की छवि बनाई गई.
1951 में पूरा हुआ था पुनर्निमाण
सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह भारत की आस्था और सभ्यता की विरासत का प्रतीक है. आजाद भारत में सोमनाथ मंदिर को फिर से बनाया गया, जिसका मुख्य कारण भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता और पक्के इरादे थे. उन्होंने 1947 में जूनागढ़ की आजादी के बाद इसके जीर्णोद्धार का आदेश दिया था. मौजूदा मंदिर 1951 में बनकर तैयार हुआ और उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसे देश को समर्पित किया.
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News Source: PTI
