Rupee vs Dollar: सोमवार को शुरुआत में रुपये में 139 पैसों की गिरावट तक आ गई थी, लेकिन बाजार बंद के दौरान यह 79 पैसों की गिरावट के साथ 95.28 पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ.
Rupee vs Dollar: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारत सहित दुनिया के कई देशों को प्रभावित किया है. बीते दिनों इस तनाव के खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज कर दिया. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के अटकने से दुनिया के कई देशों को झटका लगा है, इसका प्रभाव भारतीय करेंसी पर भी पड़ा है.
आज एक बार फिर से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपये में गिरावट दर्ज की गई है. शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया. इससे कच्चे तेल की कीमत में उछाल भी आया है.
डॉलर के मुकाबले रुपये 95.57 पर खुला
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Interbank Foreign Exchange Market) में, डॉलर के मुकाबले रुपये 95.57 पर खुला. उसके बाद यह फिर से गिर गया. रुपया अपने पिछले बंद भाव से 35 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया. बता दें कि सोमवार 11 मई को भारतीय करेंसी रुपये में 79 पैसे की भारी गिरावट दर्ज की गई थी. यह तब डॉलर के मुकाबले 79 पैसे गिरकर 95.28 पर आ गया था.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “मंगलवार को एशियाई मार्केट में तेल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इनमें लगभग 3 फीसदी की बढ़त देखी गई थी. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर संकट में है, जिससे संघर्ष के जल्द खत्म या समाधान की उम्मीदें धूमिल हो गईं हैं.”
सोमवार को आई थी 139 पैसे की गिरावट
सोमवार को भी भारतीय करेंसी रुपया में गिरावट देखी गई थी. 11 मई को बाजार बंद के दौरान रुपया में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79 पैसे की गिरावट दिखी थी. हालांकि, शुरुआत में इसमें 139 पैसों की गिरावट तक आ गई थी, लेकिन बाजार बंद के दौरान रुपया 79 पैसों की गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 95.28 पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. जानकार बताते हैं कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारतीय रुपये पर बुरा प्रभाव डाला है. इस तनाव की वजह से रुपया गिरा है और कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि दुनिया के लिए एनर्जी सप्लाई के नजरिए से खास समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित होने से सबसे अधिक दिक्कत आ रही है.
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News Source: PTI
