Stock Market Update: हफ्ते का आखिरी दिन भी शेयर मार्केट के इन्वेस्टर्स के लिए कुछ खान शुरू नहीं हुआ. सेंसेक्स और निफ्टी ने भी लोगों की दिल की धड़कन बढ़ा दीं.
09 January, 2026
Stock Market Update: अगर आप आज सुबह उठकर अपने पोर्टफोलियो को हरे निशान में देखने की उम्मीद कर रहे थे, तो शायद शेयर बाजार का मिजाज आपकी उम्मीद के हिसाब से नहीं है. यानी इंडियन शेयर मार्केट में शुक्रवार की सुबह कुछ खास नहीं रही. बाजार के दोनों बड़े बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी, शुरुआती कारोबार में नीचे की तरफ लुढ़कते नजर आए. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह एक बार फिर फॉरेन इन्वेस्टर्स की लगातार बिकवाली ही रही. साथ ही अमेरिका की तरफ से टैरिफ बढ़ाने को लेकर भी मार्केट में हलचल है.
बढ़त के बाद फिसला बाजार
शुक्रवार को मार्केट खुलते ही लगा था कि शायद बाजार संभल जाएगा, क्योंकि मार्केट में थोड़ी तेजी देखने को मिली थी. लेकिन इन्वेस्टर्स की ये खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स देखते ही देखते 78.84 अंक गिरकर 84,102.12 के लेवल पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 21.50 अंक की गिरावट के साथ 25,850.85 पर कारोबार करता दिखा. इन्वेस्टर्स के लिए ये एक हिंट है कि फिलहाल बाजार में फूंक-फूंक कर कदम रखने की ही जरूरत है.
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किसका फायदा, किसका नुकसान
बाजार की इस उठापटक में कुछ शेयर्स ऐसे रहे जिन्होंने इन्वेस्टर्स के पोर्टफोलियो को लाल कर दिया. सेंसेक्स की टॉप कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, सन फार्मा और ट्रेंट जैसे बड़े शेयर्स में गिरावट देखी गई. इन शेयर्स में बिकवाली के दबाव ने बाजार को नीचे खींचने का काम किया. हालांकि, इस गिरावट के माहौल में भी कुछ शेयर्स ने अपना दम दिखाया. एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एशियन पेंट्स जैसे शेयर्स में अच्छी-खासी खरीदारी देखी गई.
फॉरेने इन्वेस्टर्स ने खींचे हाथ
पिछले कुछ दिनों से बाजार में गिरावट का दौर जारी है. चार दिनों में बीएसई सेंसेक्स 1,581.05 अंक यानी 1.84 प्रतिशत टूट चुका है. फॉरेन इन्वेस्टर्स ने गुरुवार को अकेले 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, इंडियन इन्वेस्टर्स ने 3,701.17 करोड़ रुपये की खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश जरूर की. मगर विदेशी फंड्स की निकासी का दबाव भारी पड़ गया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया में चल रही टेंशन और भारत का रूस से तेल इम्पोर्ट पर अमेरिकी टैरिफ की चर्चाओं ने इन्वेस्टर्स को थोड़ा डरा दिया है. वहीं, अमेरिकी बाजार में भी मिला-जुला रुख रहा, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है. इंटरनेशनल लेवल पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में भी मामूली तेजी आई है, जो अब 62.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
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