Lawrence Bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अपने काले कारनामों के लिए खबरों में बना रहता है. भारत की जेल में बंद लॉरेंस सलाखों के पीछे से ही अपराध की दुनिया को कंट्रोल करता है. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान से उसकी दुश्मनी जगजाहिर है. सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उसका खौफ और बढ़ गया. लॉरेंस बिश्नोई के गैंगस्टर बनने का सफर उसके कॉलेज से शुरु हुआ था. धीरे-धीरे उसका नेटवर्क बढ़ता गया और विदेशों में फैल गया. आज उसके गुर्गे कनाडा से लेकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक फैले हैं. अब एक बार फिर लॉरेंस बिश्नोई का नाम बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर हमले की कोशिश में सामने आया है.
लॉरेंस गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी?
बीते रविवार, शाम को मुंबई के जुहू इलाके में कुछ अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की. इस घटना के कुछ ही समय बाद, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर अनिल पंडित और हरमन संधू ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप पोस्ट किया और इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ली. अनिल पंडित ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई बताया. पोस्ट में दावा किया गया कि टाइगर श्रॉफ को पहले भी फोन कॉल के जरिए चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इन चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उन पर यह हमला किया गया. अपनी धमकी में बिश्नोई गैंग ने साफ तौर पर कहा कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री (बॉलीवुड) में जो कोई भी सलमान खान के साथ काम करेगा या उनके करीब रहेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा.
सलमान खान से क्या दुश्मनी है
लॉरेंस बिश्नोई और सलमान खान के बीच विवाद की जड़ काला हिरण का शिकार मामला है. 1998 में राजस्थान में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग चल रही थी. इसी दौरान काले हिरण के शिकार की एक घटना हुई, जिसमें सलमान खान का नाम सामने आया. बिश्नोई समुदाय के लिए काले हिरण का बहुत धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान खान से अपनी दुश्मनी का कारण इसी घटना को बताया है. 2018 में जोधपुर की अदालत में पेशी के दौरान उसने सलमान को जान से मारने की धमकी दी थी. इसके बाद सलमान और उनके परिवार को कई बार धमकियां मिली हैं. 2024 को मुंबई के बांद्रा में सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी की घटना हुई. इस घटना की जांच में बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों के नाम सामने आए. सलमान खान से दुश्मनी के कारण ही गैंग अन्य एक्टर्स को भी अपना निशाना बना रहा है.
सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी की हत्या
अपराध की दुनिया में अपना प्रभाव और दबदबा कायम करने के लिए, इस गिरोह ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत लगातार भयानक वारदातों को अंजाम दिया है. अपने करीबी साथी और दोस्त विक्की मिड्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए, इस गिरोह ने मई 2022 में फेमस पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सबके सामने गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना से पूरे देश में सनसनी फैल गई और इस गैंग का खौफ और बढ़ गया. गोल्डी बराड़ ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली. जांच में लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों का नाम भी सामने आया.
इसके बाद 12 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और NCP के नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई. फिर से वही पैटर्न सामने आया. सोशल मीडिया पर इस गिरोह के नाम से किए गए एक पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी ली गई. इस बार भी सलमान से नजीदीकी को हत्या का कारण बताया गया.
सितंबर 2024 में कनाडा में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर के बाहर हुई गोलीबारी की गई. इस हमले की पूरी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी गैंगस्टर रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर ली थी. इसके अलावा रोहित शेट्टी, कपिल शर्मा गिप्पी ग्रेवाल समेत अन्य स्टार्स को फिरौती के लिए भी लॉरेंस गैंग के लोगों ने धमकी दी है.
छात्र राजनीति से अपराध की दुनिया में आया बिश्नोई
लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1993 को पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतारावाली गांव में हुआ था. उसके पिता हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल था, जिन्होंने बाद में अपनी नौकरी छोड़कर खेती करना शुरू कर दिया था. बिश्नोई ने स्कूली शिक्षा पूरी करके 2010 में चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में एडमिशन लिया. कॉलेज में उसने छात्र राजनीति में कदम रखा. साल 2011 तक उसने स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी यानी सोपु (SOPU) नाम के छात्र संगठन की स्थापना कर ली. यूनिवर्सिटी में चुनाव के दौरान विरोधी छात्र गुटों के साथ लॉरेंस के ग्रुप की हिंसक झड़पे हुई. उसी समय से लॉरेंस पर हत्या की कोशिश, डकैती और फिरौती जैसे आपराधिक मामले दर्ज होना शुरु हो गए. हालांकि, उसके अपराध की दुनिया में जाने के लिए केवल छात्र राजनीति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा. इसके पीछे अन्य कारण भी थे- जैसे स्थानीय रंजिशें और अन्य अपराधियों के साथ उसके संबंध.
कॉलेज की राजनीति के दौरान बनाए गए उसके संपर्क, अपराध की दुनिया में काम आए. इसी दौरान गोल्डी बराड़ के साथ उसकी दोस्ती भी गहरी हो गई. धीरे-धीरे, उनका एक नेटवर्क बन गया, जिसमें हर सदस्य की अलग-अलग भूमिका थी. जेल में रहने के बावजूद, लॉरेंस अपने गिरोह को कंट्रोल करता है, जबकि बाहर मौजूद उसके कई साथियों पर लोगों को धमकाने, जबरन वसूली करने और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं.
जेल से चलाता है नेटवर्क
2014 से लॉरेंस बिश्नोई जेल में है और फिलहाल वह गुजरात की हाई-सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद है. हालांकि कड़ी निगरानी और कानूनी पाबंदियों के बावजूद, हत्या की साजिश और धमकी देने जैसे मामलों में उसके गैंग का नाम सामने आता रहता है. इसकी वजह उसके गिरोह का ढांचा है, जिसमें हर एक व्यक्ति को एक खास जिम्मेदारी सौंपी गई है. कुछ लोगों का काम धमकियां देना और रंगदारी वसूलना है, कुछ का काम हथियार जुटाना है और कुछ लोग ऐसे लोगों का इंतजाम करते हैं जो असल में हमलों को अंजाम देते हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जेल में बंद यह सरगना अपने साथियों के संपर्क में कैसे रहता है.
कितना बड़ा है लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-NCR क्षेत्र और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है. वहीं विदेश में कनाडा और अमेरिका में दक्षिण एशियाई में गैंग के गुर्गे एक्टिव रहते हैं. गिरोह में सदस्यों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं. कुछ रिपोर्टों में 700 से अधिक ‘शूटर्स’ का जिक्र है, जबकि अन्य स्रोतों के अनुसार सदस्यों की कुल संख्या 800 से ज्यादा हो सकती है. सितंबर 2025 में कनाडा सरकार ने अपने आपराधिक कानूनों के तहत बिश्नोई गैंग को एक ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित किया.
FBI की ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में कौन
कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ को अपनी ‘दस सबसे वांछित भगोड़ों’ की सूची में शामिल किया है. FBI के अनुसार गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है. अमेरिकी अधिकारियों ने उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें टारगेट किलिंग, जबरन वसूली, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराध और संगठित अपराध करने की साजिश रचना शामिल है. FBI ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले के लिए 1 मिलियन डॉलर तक के इनाम की भी घोषणा की है.
लॉरेंस गैंग के मुख्य चेहरे
गोल्डी बराड़: गोल्डी बराड़ को लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी माना जाता है. उसका असली नाम सतिंदरजीत सिंह है. कहा जाता है कि वे कॉलेज के दिनों से ही दोस्त हैं. सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद गोल्डी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया. उस पर हत्या की साजिश रचने, जबरन वसूली और कई अन्य अपराधों के आरोप हैं.
अनमोल बिश्नोई: अनमोल, लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है. जांच एजेंसियों ने उसे इस गैंग से जुड़े कई मामलों में एक प्रमुख आरोपी माना है. नवंबर 2025 में उसे अमेरिका से भारत वापस लाया गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं.
रोहित गोदारा: राजस्थान और उत्तर भारत के कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में रोहित गोदारा का नाम सामने आया है. जांच एजेंसियों ने उसे बिश्नोई नेटवर्क से जुड़ा एक सहयोगी बताया है.
संपत नेहरा: सलमान खान को निशाना बनाने की कथित साजिश के सिलसिले में संपत नेहरा का नाम सामने आया था. लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कुख्यात गैंगस्टर संपत नेहरा को 2018 में हैदराबाद में गिरफ्तार किया गया था. वह फिलहाल पंजाब की बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद है.
शुभम लोणकर: बाबा सिद्दीकी की हत्या और उससे जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के दौरान शुभम लोणकर का नाम सामने आया था. शुभम अभी फरार है.
सोशल मीडिया पर युवाओं को लुभाता है गैंग
आज के समय में लॉरेंस बिश्नोई का गैंग अपनी लोकप्रियता बढ़ाने और युवाओं को फंसाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा है. वे आकर्षक जीवनशैली और ऑनलाइन कंटेंट, जैसे कि ‘रील्स’ दिखाकर युवाओं को गुमराह करते हैं. उन्हें कम समय में बहुत सारा पैसा कमाने और समाज में रुतबा पाने का लालच देकर, युवाओं को अपराध के दलदल में धकेल दिया जाता है. इन गिरोहों में शामिल होने वाले नए लोगों को शुरुआत में छोटे-मोटे काम सौंपे जाते हैं, एक बार जब वे इन्हें पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें और भी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है. टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के आरोपी शूटर्स में भी एक नाबालिग युवक शामिल है. राजस्थान के कोटा में पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
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